New Delhi
Delhi-NCR में GRAP-4 लागू, सर्दी और धुंध के बीच हवा ‘severe’ श्रेणी में पहुंची
AQI 400 के पार, CAQM ने बढ़ाए प्रदूषण नियंत्रण उपाय, ठंड और स्मॉग ने बढ़ाई मुश्किलें
Delhi-NCR में बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर हालात गंभीर कर दिए हैं। सर्द मौसम और घनी धुंध के बीच हवा की गुणवत्ता ‘severe’ श्रेणी में पहुंचने के बाद GRAP-4 के सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। यह फैसला Commission for Air Quality Management ने शनिवार शाम को लिया, जब राजधानी का Air Quality Index तेजी से बिगड़ गया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को Delhi का 24 घंटे का औसत AQI 354 दर्ज किया गया था, जो ‘very poor’ श्रेणी में आता है। हालांकि, शाम 6 बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 416 पहुंच गया, जिससे हवा ‘severe’ कैटेगरी में चली गई। GRAP के तहत AQI को poor (201-300), very poor (301-400), severe (401-450) और severe plus (450 से ऊपर) में बांटा जाता है।
CAQM का यह फैसला GRAP Stage 3 लागू करने के ठीक एक दिन बाद आया है। इससे पहले 2 जनवरी को हालात में थोड़े सुधार के चलते Stage 3 को हटाया गया था, जबकि Stage 1 और Stage 2 लागू थे। लेकिन मौसम की मार और प्रदूषकों के जमाव के कारण स्थिति फिर से बिगड़ गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय Delhi-NCR में कोहरा स्मॉग में तब्दील हो रहा है। हवा की रफ्तार बेहद कम है, वातावरण स्थिर बना हुआ है और प्रदूषकों के फैलाव के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं हैं। इसी वजह से आने वाले दिनों में AQI के 400 के पार बने रहने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम की बात करें तो शनिवार को राजधानी में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम है। India Meteorological Department के अनुसार, ठंड के साथ प्रदूषण का यह मेल हालात को और चुनौतीपूर्ण बना रहा है।
निजी मौसम एजेंसी Skymet Weather के मौसम वैज्ञानिक Mahesh Palawat ने बताया कि 17 से 20 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है और हल्की सर्दियों की बारिश की संभावना भी है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि 23 से 26 जनवरी के बीच एक और cold spell आने की संभावना है, जब तापमान फिर से गिर सकता है।
शनिवार सुबह Delhi-NCR में घना कोहरा छाया रहा, हालांकि दिन में अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री ज्यादा रहा। इसके बावजूद हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के कारण सांस लेना मुश्किल बना रहा।
GRAP-4 के तहत अब निर्माण कार्यों, वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों पर और सख्ती बरती जाएगी। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और कड़े कदम उठाए जाएंगे, ताकि प्रदूषण के इस संकट से लोगों को राहत मिल सके।
