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Vaibhav Sooryavanshi का धमाका: RCB के खिलाफ 78(25) की पारी, फिर बोले—“अगर मैं टिक जाऊं तो…”
15 साल के Vaibhav Sooryavanshi ने IPL 2026 में RCB की गेंदबाजी को तहस-नहस किया, लेकिन पोस्ट-मैच में दिखाया बेहद शांत और जिम्मेदार अंदाज
IPL 2026 में Rajasthan Royals के युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi ने एक बार फिर अपनी तूफानी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) के खिलाफ 202 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए इस 15 साल के खिलाड़ी ने सिर्फ 25 गेंदों में 78 रन ठोक दिए और मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
Vaibhav की इस पारी में 7 छक्के और 8 चौके शामिल रहे, और उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के सामने RCB के अनुभवी गेंदबाज Josh Hazlewood और Bhuvneshwar Kumar भी बेबस नजर आए।
Rajasthan Royals ने इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत लक्ष्य को दो ओवर पहले ही हासिल कर लिया और एक बड़ी जीत दर्ज की।
Orange Cap की रेस में भी आगे बढ़े Vaibhav
इस धमाकेदार पारी के साथ ही Vaibhav ने अपने ही टीम के स्टार ओपनर Yashasvi Jaiswal को भी Orange Cap की रेस में पीछे छोड़ दिया है। चार मैचों में उनके कुल रन 200 के पार पहुंच चुके हैं, जो इस सीजन उनकी निरंतरता को दिखाता है।
सम्मान और विनम्रता का अनोखा पल
मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में एक बेहद भावुक पल देखने को मिला। जब Vaibhav पुरस्कार लेने पहुंचे, तो उन्होंने BCCI उपाध्यक्ष Rajiv Shukla के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। उनकी यह सादगी और विनम्रता सोशल मीडिया पर भी काफी सराही जा रही है।
इसके बाद उन्होंने Orange Cap भी प्राप्त की और Player of the Match के तौर पर सम्मानित हुए।

बड़े गेंदबाजों पर भी नहीं दिखा डर
Vaibhav Sooryavanshi का आत्मविश्वास इस बात से भी झलकता है कि उन्होंने इससे पहले Jasprit Bumrah की गेंद पर भी पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया था। अब Hazlewood और Bhuvneshwar के खिलाफ भी उन्होंने वही रवैया अपनाया और किसी भी गेंदबाज को सेट होने का मौका नहीं दिया।
“मैं अपनी नेचुरल गेम खेलता हूं”
पोस्ट-मैच इंटरव्यू में Vaibhav ने बेहद शांत और सधे हुए अंदाज में अपनी बल्लेबाजी का राज बताया। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ वही करते हैं जो प्रैक्टिस में करते हैं और किसी भी तरह की अतिरिक्त कोशिश से बचते हैं।
उन्होंने कहा कि वह अपनी natural game पर भरोसा रखते हैं और उसे ही मैदान पर उतारते हैं।
“अगर मैं टिक जाऊं तो 10–20 रन और बन सकते हैं”
हालांकि, Vaibhav ने अपनी पारी को लेकर थोड़ी निराशा भी जताई। उन्होंने कहा कि अगर वह कुछ देर और क्रीज पर टिके रहते, तो टीम को 10–20 रन और मिल सकते थे, जो मैच को और जल्दी खत्म कर सकते थे या बड़ा स्कोर बना सकते थे।
उन्होंने कहा—
“अगर मैं विकेट पर टिक जाऊं तो 10–20 रन और बन सकते हैं… इसलिए जब मैं जल्दी आउट हो जाता हूं तो थोड़ा अफसोस होता है।”
उनकी यह सोच बताती है कि इतनी कम उम्र में भी वह टीम की जिम्मेदारी को बेहद गंभीरता से समझते हैं।
