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Apple और EU में बड़ा टकराव, Siri AI अपडेट यूरोप में अनिश्चितकाल के लिए टला
Apple ने WWDC 2026 में पेश किए गए नए Siri AI फीचर्स को यूरोपीय संघ में लॉन्च नहीं करने का फैसला किया है, कंपनी ने इसके लिए EU के सख्त Digital Markets Act को जिम्मेदार बताया है।
Apple का कहना है कि इस देरी की मुख्य वजह यूरोपीय संघ का Digital Markets Act (DMA) है। कंपनी के अनुसार, EU रेगुलेटर्स ने Siri AI को सुरक्षित तरीके से लॉन्च करने के लिए दिए गए सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया है।
Apple के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग Craig Federighi ने कहा कि कंपनी “गहराई से निराश” है कि यूरोप में यूज़र्स को iPhone और iPad पर Siri AI नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि Apple ने EU के साथ मिलकर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई व्यावहारिक रास्ता नहीं बन पाया है।
प्राइवेसी बनाम ओपन एक्सेस की लड़ाई
इस पूरे विवाद का केंद्र डेटा प्राइवेसी और सिस्टम एक्सेस है। Apple का नया Siri AI यूज़र के डिवाइस पर मौजूद मैसेज, फोटो और ऐप्स तक स्मार्ट तरीके से पहुंचकर काम करता है।
लेकिन EU नियमों के अनुसार, अगर Apple अपने AI असिस्टेंट को इतना एक्सेस देता है, तो उसे अन्य थर्ड-पार्टी AI सिस्टम्स को भी समान स्तर की अनुमति देनी होगी।
Apple का कहना है कि इससे बड़ा सुरक्षा खतरा पैदा हो सकता है, क्योंकि कोई भी बाहरी AI सिस्टम बिना पर्याप्त नियंत्रण के यूज़र डेटा तक पहुंच सकता है।

Apple का “Trusted System Agent” प्रस्ताव भी खारिज
Apple ने इस समस्या के समाधान के लिए “Trusted System Agent” नाम का एक सुरक्षा सिस्टम प्रस्तावित किया था। इसके साथ कंपनी ने 18 महीने का रोलआउट पीरियड भी मांगा था ताकि फीचर्स को सुरक्षित तरीके से लागू किया जा सके।
लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूरोपीय आयोग ने इस प्रस्ताव को भी स्वीकार नहीं किया।
यूरोप के यूज़र्स क्या खो देंगे?
इस फैसले के बाद EU के iPhone और iPad यूज़र्स कई नए AI फीचर्स से वंचित रह जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- Siri AI का नया conversational history फीचर
- सिस्टम-वाइड AI writing और editing टूल्स
- Camera ऐप में “Siri Mode” जो रियल-टाइम विज़ुअल सर्च करता है
इसके अलावा, यूरोप में डेवलपर्स भी इन नए फीचर्स को टेस्ट या इंटीग्रेट नहीं कर पाएंगे, जिससे ऐप इकोसिस्टम पर भी असर पड़ सकता है।
दूसरे देशों में स्थिति
Apple ने संकेत दिया है कि वह चीन जैसे बाजारों में भी रेगुलेटरी बातचीत जारी रखे हुए है, ताकि Siri AI को वहां लॉन्च किया जा सके। हालांकि वहां भी कुछ नियमों को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं।
आगे क्या होगा?
फिलहाल Apple और EU के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन Siri AI की लॉन्च टाइमलाइन अभी पूरी तरह अनिश्चित है। यह मामला आने वाले समय में टेक इंडस्ट्री में प्राइवेसी बनाम रेगुलेशन की बड़ी बहस को और तेज कर सकता है।
