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17 साल की उम्र में पकड़ा बल्ला, 26 की उम्र में मिला Team India का बुलावा! जानिए Gurnoor Brar की प्रेरणादायक कहानी

क्रिकेट की दुनिया में जहां खिलाड़ी बचपन से अकादमियों में पसीना बहाते हैं, वहीं Gurnoor Brar ने 11वीं कक्षा में क्रिकेट शुरू किया और कुछ ही वर्षों में भारतीय टीम के दरवाजे तक पहुंच गए।

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भारतीय टीम में चयन के बाद तेज गेंदबाज Gurnoor Brar, जिनकी मेहनत और संघर्ष की कहानी युवाओं को प्रेरित कर रही है।

भारतीय क्रिकेट में अक्सर ऐसी कहानियां सामने आती हैं जो लाखों युवाओं को सपने देखने की हिम्मत देती हैं। तेज गेंदबाज Gurnoor Brar की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। जिस उम्र में अधिकांश खिलाड़ी अपने करियर को स्थापित करने की कोशिश कर रहे होते हैं, उस उम्र में Gurnoor ने क्रिकेट खेलना शुरू किया था। लेकिन आज वह भारतीय टेस्ट और वनडे टीम का हिस्सा हैं और राष्ट्रीय टीम से पदार्पण करने के बेहद करीब खड़े हैं।

पिता की एक सोच ने बदल दी जिंदगी

चंडीगढ़ में रहने वाले Gurnoor Brar के पिता Sukhbir Singh Brar पंजाब पुलिस में ASI हैं। उन्होंने अपने बेटे को क्रिकेट खेलने के लिए इसलिए प्रेरित किया ताकि वह पढ़ाई के साथ किसी सकारात्मक गतिविधि में व्यस्त रहे।

उनका मानना था कि खेल युवाओं को अनुशासन सिखाता है और गलत संगत से दूर रखता है। यही सोच आगे चलकर Gurnoor के जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई।

कोच Ravi के मार्गदर्शन में Gurnoor ने क्रिकेट की बारीकियां सीखनी शुरू कीं और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

पहले बास्केटबॉल, फिर क्रिकेट

दिलचस्प बात यह है कि Gurnoor का पहला प्यार क्रिकेट नहीं था। उनके पिता खुद राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं और उन्होंने बेटे को भी उसी खेल में आजमाने की कोशिश की।

अपनी लंबी कद-काठी के कारण Gurnoor ने कुछ सप्ताह बास्केटबॉल खेला भी, लेकिन उनका मन उसमें नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट को चुना और यही फैसला उनके करियर की दिशा बदल गया।

कॉलेज क्रिकेट से मिली पहचान

Gurnoor को पहला बड़ा मंच तब मिला जब उन्होंने DAV College, Chandigarh की ओर से इंटर-कॉलेज टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया।

सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबलों में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद उनकी प्रतिभा पर चयनकर्ताओं की नजर गई। कॉलेज क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें पंजाब क्रिकेट के रास्ते पर आगे बढ़ाया।

उस समय उनके सामने एक दिलचस्प विकल्प भी था। उन्हें दुबई में होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय कॉलेज टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिल रहा था, लेकिन उन्होंने पंजाब के प्रतिष्ठित Katoch Shield टूर्नामेंट को चुना। यह फैसला बाद में उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

लंबाई बनी सबसे बड़ी ताकत

लगभग 6 फीट 5 इंच लंबे Gurnoor Brar की सबसे बड़ी ताकत उनकी ऊंचाई और बाउंस पैदा करने की क्षमता है।

भारतीय टीम प्रबंधन की नजर उन पर तब गई जब बल्लेबाजों को बांग्लादेश के लंबे तेज गेंदबाज Nahid Rana जैसी गेंदबाजी का अभ्यास कराने के लिए नेट्स में बुलाया गया।

इसके बाद Australia A और South Africa A जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और उन्हें भारतीय टीम में जगह मिल गई।

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IPL से मिला बड़ा मंच

हालांकि Gurnoor को अभी IPL में ज्यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिला है, लेकिन इस दौरान उन्हें कई अनुभवी खिलाड़ियों के साथ काम करने का अवसर मिला।

उनके पिता ने खास तौर पर कोच Ashish Nehra का धन्यवाद किया, जिन्होंने युवा गेंदबाज को तकनीकी रूप से बेहतर बनाने में मदद की।

Gurnoor ने इस दौरान Kagiso Rabada, Mohammed Siraj और Prasidh Krishna जैसे अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों से भी काफी कुछ सीखा।

सफलता के बाद भी जमीन से जुड़े

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आज जब युवा खिलाड़ी शुरुआती सफलता के बाद सुर्खियों में आ जाते हैं, Gurnoor की सादगी उन्हें अलग बनाती है।

जब उन्हें IPL से पहली बड़ी रकम मिली, तो उन्होंने अपने पिता से सिर्फ इतना पूछा कि क्या वह एक कार खरीद सकते हैं। पिता ने कहा कि यह उनकी मेहनत की कमाई है और फैसला भी उनका ही होना चाहिए।

यह छोटी-सी घटना बताती है कि सफलता के बावजूद Gurnoor अब भी अपने संस्कारों और परिवार के मूल्यों से जुड़े हुए हैं।

अब Team India में डेब्यू का इंतजार

भारतीय टीम में चयन के बाद Gurnoor Brar का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करना है। उनकी मेहनत, अनुशासन और देर से शुरू हुए सफर ने यह साबित कर दिया है कि अगर जुनून और समर्पण हो तो सफलता किसी भी उम्र में हासिल की जा सकती है।

आज Gurnoor उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं जो मानते हैं कि सपनों को पूरा करने के लिए बहुत जल्दी शुरुआत करना जरूरी है। उनकी कहानी बताती है कि सही दिशा और मेहनत के साथ देर से शुरू हुआ सफर भी मंजिल तक पहुंच सकता है।