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2026 विधानसभा चुनाव का ऐलान: बंगाल में सिर्फ 2 चरण, मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ी
असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनाव कार्यक्रम घोषित; 4 मई को होगी मतगणना
देश में एक बार फिर लोकतंत्र का बड़ा उत्सव शुरू होने जा रहा है। Election Commission of India ने 2026 के विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इस बार चुनाव Assam, Kerala, Tamil Nadu, West Bengal और Puducherry में होने वाले हैं।
इन राज्यों में मतदान की तारीखों के साथ-साथ मतदान केंद्रों और मतदाताओं की संख्या से जुड़े आंकड़ों ने भी राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
कब होंगे चुनाव?
चुनाव आयोग के अनुसार इन राज्यों में मतदान अलग-अलग चरणों में कराया जाएगा।
- असम, केरल और पुडुचेरी – 9 अप्रैल 2026 (एक चरण)
- तमिलनाडु – 23 अप्रैल 2026 (एक चरण)
- पश्चिम बंगाल – 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 (दो चरण)
सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल में घटे चुनावी चरण
इस बार सबसे बड़ा बदलाव West Bengal के चुनाव कार्यक्रम में देखने को मिला है।
पिछले वर्षों में यहां कई चरणों में मतदान कराया जाता रहा है। उदाहरण के तौर पर:
- 2021 में 8 चरण
- 2016 और 2011 में 6 चरण
- 2006 में 5 चरण
लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने मतदान को सिर्फ दो चरणों में सीमित कर दिया है। इसे हाल के वर्षों में बंगाल के सबसे छोटे चुनावी कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।
असम में भी बड़ा बदलाव
इसी तरह Assam में भी मतदान का स्वरूप बदला है।
पहले यहां दो या तीन चरणों में चुनाव होते थे, लेकिन इस बार सिर्फ एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। इससे चुनावी प्रक्रिया को तेज और अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इन बदलावों ने देश में लंबे समय से चर्चा में रहे “वन नेशन, वन इलेक्शन” की अवधारणा को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।

बढ़े मतदान केंद्र
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार इस बार सभी पांच क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे मतदाताओं को मतदान करने में अधिक सुविधा मिल सके।
- असम – लगभग 29,000 से बढ़कर 31,000 बूथ
- केरल – करीब 20% की वृद्धि
- तमिलनाडु – 68,000 से बढ़कर लगभग 75,000 बूथ
- पश्चिम बंगाल – मामूली वृद्धि (लगभग 0.2%)
- पुडुचेरी – 967 से बढ़कर 1,099 बूथ
यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि चुनाव आयोग मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम और भीड़-मुक्त बनाना चाहता है।
मतदाताओं की संख्या में भी इजाफा
इन राज्यों में मतदाताओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
- असम में लगभग 2.50 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें करीब 5.75 लाख युवा वोटर पहली बार मतदान करेंगे।
- केरल में लगभग 2.71 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए हैं।
- तमिलनाडु में करीब 5.67 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 12.5 लाख युवा वोटर शामिल हैं।
- पश्चिम बंगाल में करीब 6.45 करोड़ मतदाता हैं, जो इन राज्यों में सबसे ज्यादा है।
- पुडुचेरी में भी मतदाताओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है।
वरिष्ठ मतदाताओं की संख्या भी बढ़ी
इस बार एक और दिलचस्प तथ्य सामने आया है — 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- असम – लगभग 1 लाख
- केरल – करीब 2 लाख
- तमिलनाडु – लगभग 4 लाख
- पश्चिम बंगाल – करीब 3.79 लाख
- पुडुचेरी – लगभग 6,000
यह आंकड़े बताते हैं कि देश में लोकतांत्रिक भागीदारी सिर्फ युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वरिष्ठ नागरिक भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
जैसे ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई, इन राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टियां अब उम्मीदवार चयन, प्रचार रणनीति और गठबंधन की संभावनाओं पर तेजी से काम कर रही हैं।
विशेष रूप से तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने की संभावना है।
अब पूरे देश की नजरें 4 मई पर टिकी होंगी, जब इन पांच राज्यों के चुनावी नतीजे सामने आएंगे और यह तय होगा कि किस पार्टी के हाथ में सत्ता की कमान जाएगी।
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