India
गर्मी ने तोड़ा बिजली का रिकॉर्ड! देश में पहली बार 252 GW के पार पहुंची मांग
हीटवेव के बढ़ते असर से AC-कूलर की खपत बढ़ी, आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है बिजली की डिमांड
देश में पड़ रही भीषण गर्मी अब बिजली व्यवस्था पर भी भारी पड़ने लगी है। Ministry of Power के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, भारत की पीक पावर डिमांड (एक दिन में सबसे ज्यादा बिजली की जरूरत) ने नया रिकॉर्ड बना लिया है।
24 अप्रैल को देश में बिजली की मांग 252.07 गीगावाट (GW) तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले 23 अप्रैल को यह आंकड़ा 240.12 GW था, यानी सिर्फ एक दिन में ही बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
क्यों बढ़ रही है इतनी तेजी से मांग?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह देशभर में जारी हीटवेव है। तापमान बढ़ने के साथ ही घरों और दफ्तरों में AC, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है।
अगर आप भी इन दिनों नोटिस कर रहे हैं कि पंखा या AC बिना रुके चल रहा है, तो यही ट्रेंड पूरे देश में दिख रहा है—और यही वजह है इस रिकॉर्ड डिमांड की।
पिछले रिकॉर्ड भी टूटे
इससे पहले मई 2024 में देश की पीक पावर डिमांड करीब 250 GW के आसपास पहुंची थी। लेकिन इस साल गर्मी ने पहले ही अप्रैल में यह आंकड़ा पार कर दिया, जो आने वाले महीनों के लिए चिंता का संकेत है।
आगे क्या हो सकता है?
मौसम विभाग India Meteorological Department (IMD) ने पहले ही चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में आने वाले दिनों में हीटवेव का असर और बढ़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि मई और जून में बिजली की मांग और भी ज्यादा बढ़ सकती है। ऐसे में पावर सप्लाई को संतुलित रखना सरकार और बिजली कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

क्या बिजली कटौती बढ़ेगी?
हालांकि अभी तक बड़े स्तर पर बिजली कटौती की खबरें नहीं हैं, लेकिन अगर मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो कुछ इलाकों में सप्लाई पर दबाव आ सकता है।
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इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार और बिजली कंपनियां पहले से तैयारी में जुटी हैं, ताकि लोगों को गर्मी में राहत मिलती रहे।
