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2026 U-19 विश्व कप की तैयारी में भारत: कोच ने खोली युवा टीम की चुनौतियाँ
2026 ICC Under‑19 Men’s Cricket World Cup में छठी ट्रॉफी की तलाश में भारत, Rajib Datta ने बताया कैम्प-प्रिपरेशन का रोमांचक और चुनौतियों भरा सफर
जब सीखने की उम्र सबसे ज्यादा अहम होती है, उस वक्त अंतरराष्ट्रीय मंच की तैयारी करना अलग ही कहानी है। ऐसे ही सफर पर है भारत की U-19 क्रिकेट टीम, जो जनवरी-फरवरी 2026 में बन्नरिंग टूर्नामेंट यानी 2026 ICC Under‑19 Men’s Cricket World Cup के लिए तैयारी में जुटी है। कोच Rajib Datta, जो कि Centre of Excellence (CoE) के बॉलिंग कोच एवं लीड फैकल्टी हैं, ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि यह प्रक्रिया सिर्फ क्रिकेट-ट्रेनिंग नहीं, बल्कि मानसिक, तकनीकी और जीवन-कौशल के बहुआयामी निर्माण का मिशन है।
शुरुआती तैयारी और लक्ष्य
Datta ने कहा है कि यह तैयारी करीब 8-9 महीने पहले से शुरू हो चुकी है — एक सामान्य अंतरराष्ट्रीय तैयारी-चक्र से थोड़ी ज़्यादा। CoE के अंतर्गत टीम को अत्याधुनिक संसाधन दिए जा रहे हैं ताकि वे “बेहतर प्रदर्शन के लिए खुद को व्यक्त कर सकें”।
उनका मानना है कि लक्ष्य हमेशा जीतना रहा है, लेकिन प्रक्रिया में श्रेष्ठता पर जोर है न कि सिर्फ परिणाम पर।
चुनौतियाँ और समाधान
जहाँ टीम को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा का सामना करना है, वहीं युवा खिलाड़ियों को कुछ खास चुनौतियाँ भी हैं:
- भौतिक परिस्थितियाँ और पिच का स्वभाव — Zimbabwe और Namibia में पिचें भारत से अलग होंगी, इसलिए वहाँ की पेस और बाउंस के अनुकूल तैयारियाँ हो रही हैं।
- मानसिक एवं जीवन-कौशल — Datta बताते हैं कि चयन सिर्फ तकनीकी दक्षता नहीं देखता, बल्कि सामाजिक व्यवहार, धैर्य, समय का पालन करना और दबाव में काम करना ये सब भी अहम हैं।
- उच्च स्तर के बाद का सफर — U-19 सफलता का मतलब यह नहीं कि सितारा बन गया है। उन्होंने याद दिलाया कि खिलाड़ियों को U-19 से U-23 तथा फिर सीनियर स्तर तक का सफर तय करना होता है।
भारत के लिए अवसर और महत्व
भारत अबतक U-19 में पांच बार खिताब जीत चुका है और यह छठी ट्रॉफी जीतने की दिशा में है। Datta ने कहा है कि यह सिर्फ टूर्नामेंट नहीं बल्कि एक अनुभव यात्रा है, जिसमें प्रतिभा को मंच मिल रहा है।
इसके साथ ही, युवा खिलाड़ियों के लिए यह समय है जब वे देश-व्यापी नाम के बजाय अंतरराष्ट्रीय प्रसारक मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

आगे की रूपरेखा
- टीम सवालों और चुनौतियों के बीच अभी घरेलू और विदेशी टूर्नामेंट से होकर गुजर रही है।
- Zimbabwe-Namibia की यात्रा से पहले विविध परिस्थितियों में खिलाड़ियों को खेलकर खुद को जाँचना होगा।
- टीम में चयन या खेल-मौका मिलने के बाद भी “प्रदर्शन बनाए रखो” यह mantra बनेगा।
निष्कर्ष
युवा क्रिकेटर्स के लिए U-19 विश्व कप सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं — वह सीखने, बढ़ने और तैयार होने का अवसर है। CoE तथा राजीब दत्ता की अगुवाई में भारत की यह टीम सिर्फ जीत के लिए नहीं, बल्कि खेल-जीवन की समझ और अनुभव के लिए तैयार है।
अगर आपने कभी सोचा है कि बड़े मैचों में सितारे अचानक क्यों चमकते हैं — इसका जवाब है: छोटी-छोटी तैयारियों, चुनौतियों और निरंतर आत्म-सुधार में निहित।
भारत के युवा अब बस वही कर रहे हैं — अभ्यास कर रहे हैं, मानसिक रूप से तैयार हो रहे हैं और एक लंबी क्रिकेट-यात्रा के लिए खुद को मजबूत बना रहे हैं।
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