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Kate Middleton का Quote of the Day: ‘कभी-कभी अकेलापन महसूस होता है…’, मां बनने के बाद की इस सच्चाई पर कही बड़ी बात
20 अप्रैल 2017 को लंदन के Global Academy में Kate Middleton ने नई माताओं से जुड़े अकेलेपन और एक-दूसरे तक पहुंचने की जरूरत पर खुलकर बात की थी
मां बनना जिंदगी के सबसे खूबसूरत अनुभवों में से एक माना जाता है, लेकिन इसके साथ आने वाले अकेलेपन, थकान और भावनात्मक दबाव के बारे में अक्सर उतनी खुलकर बात नहीं होती। Kate Middleton ने कुछ साल पहले इसी अनकहे पहलू पर ऐसी बात कही थी, जो आज भी कई माताओं के अनुभव से जुड़ती है।
20 अप्रैल 2017 को पश्चिमी लंदन में Global Academy के उद्घाटन के दौरान Kate ने नई माताओं से जुड़ी पहल के बारे में बातचीत करते हुए कहा था, “कभी-कभी यह अकेलापन भरा होता है और आप खुद को काफी अलग-थलग महसूस करती हैं। लेकिन वास्तव में… बहुत-सी दूसरी मांएं भी ठीक उसी दौर से गुजर रही होती हैं, जिससे आप गुजर रही हैं।”
उनकी यह बात Mush की सह-संस्थापकों Katie Massie-Taylor और Sarah Hesz से बातचीत के दौरान सामने आई थी। Mush एक ऐसा ऐप था, जिसका उद्देश्य नई माताओं को एक-दूसरे से जोड़ना और उन्हें आपसी सहयोग का मौका देना था।
‘आप अकेली नहीं हैं…’
Kate की बात का सबसे अहम हिस्सा यही था कि अकेलापन महसूस करना और वास्तव में अकेले होना एक ही बात नहीं है। कई बार इंसान के आसपास परिवार, दोस्त और दूसरे लोग मौजूद होते हैं, फिर भी उसे अपनी परेशानियों के बीच भावनात्मक रूप से अकेला महसूस हो सकता है।
खासकर नई माताओं के लिए जिंदगी अचानक पूरी तरह बदल जाती है। बच्चे की देखभाल, नींद की कमी, बदलती दिनचर्या और नई जिम्मेदारियों के बीच पुराने दोस्तों से मिलना-जुलना भी कम हो सकता है। ऐसे में यह महसूस होना स्वाभाविक है कि बाकी सभी लोग अपनी जिंदगी आसानी से संभाल रहे हैं और मुश्किल सिर्फ उनके हिस्से में आई है।
Kate ने इसी सोच को चुनौती दी थी। उनका संदेश था कि दूसरी माताओं से बात करना और अपनी भावनाएं साझा करना कमजोरी नहीं, बल्कि हिम्मत है।
खुद भी महसूस किया था मां बनने के बाद का अकेलापन
Kate की यह बात सिर्फ किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए कही गई सामान्य सलाह नहीं थी। उन्होंने अलग-अलग मौकों पर मां बनने के बाद अपने अनुभवों के बारे में भी बात की है।
एक अन्य कार्यक्रम में उन्होंने अपने बड़े बेटे Prince George के जन्म के बाद के दिनों को याद करते हुए बताया था कि उस समय उनके पति Prince William Royal Air Force में सर्च एंड रेस्क्यू पायलट के तौर पर काम कर रहे थे।
Kate ने बताया था कि वह उस समय परिवार से दूर थीं और William की नाइट शिफ्ट होती थी। उन्होंने उस दौर को बेहद अलग-थलग महसूस करने वाला समय बताया था।
यही व्यक्तिगत अनुभव उनकी बात को और ज्यादा मानवीय बना देता है। वह सिर्फ बाहर से मातृत्व पर सलाह नहीं दे रही थीं, बल्कि अपने जीवन के एक वास्तविक अनुभव को भी साझा कर रही थीं।
क्यों मां बनने के बाद बढ़ सकता है अकेलापन?
मां बनने के बाद रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव आता है। पहले की तरह दोस्तों से मिलना, अचानक बाहर निकल जाना या अपने लिए समय निकालना आसान नहीं रहता। बच्चे की जरूरतें प्राथमिकता बन जाती हैं और कई बार मां अपनी खुद की भावनाओं को पीछे छोड़ देती है।
इसके बावजूद आसपास लोगों की मौजूदगी हमेशा भावनात्मक जुड़ाव की गारंटी नहीं देती। भीड़ के बीच भी अकेलापन महसूस किया जा सकता है।
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यही वजह है कि किसी भरोसेमंद दोस्त, परिवार के सदस्य या दूसरी मां से खुलकर बात करना काफी मददगार हो सकता है।
‘सब लोग मुझसे बेहतर कर रहे हैं’ वाली सोच से बाहर निकलना जरूरी
मातृत्व से जुड़ी एक और समस्या तुलना है। सोशल मीडिया और आसपास के लोगों को देखकर ऐसा लग सकता है कि बाकी माता-पिता सबकुछ आसानी से संभाल रहे हैं। लेकिन किसी की जिंदगी का सिर्फ बाहरी हिस्सा देखकर उसकी पूरी कहानी समझना संभव नहीं है।
जो मां बाहर से बेहद आत्मविश्वासी नजर आ रही हो, वह भी अंदर से थकी हुई या परेशान हो सकती है। वह भी शायद यही सोच रही हो कि क्या वह एक अच्छी मां बन पा रही है?
इसीलिए अपनी परेशानी को छिपाने के बजाय किसी दूसरे इंसान से साझा करना राहत दे सकता है। कई बार सिर्फ यह जानना कि ‘मैं अकेली नहीं हूं’, अपने आप में बहुत बड़ा सहारा बन जाता है।

मदद मांगना कमजोरी नहीं
Kate Middleton की बात का एक और महत्वपूर्ण संदेश यह है कि मदद मांगने के लिए हालात के पूरी तरह बिगड़ने का इंतजार जरूरी नहीं है।
किसी पुराने दोस्त को फोन करना, दूसरी मां के साथ कॉफी पर मिलना, किसी स्थानीय ग्रुप से जुड़ना या सिर्फ किसी भरोसेमंद व्यक्ति से ईमानदारी से कहना कि ‘आज का दिन मेरे लिए मुश्किल है’—ये छोटे कदम भी भावनात्मक रूप से बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं।
कई बार हम दूसरों की मदद करने में सहज होते हैं, लेकिन खुद मदद मांगते समय झिझकते हैं। डर रहता है कि कहीं सामने वाला हमें कमजोर न समझे या हम किसी पर बोझ न बन जाएं। लेकिन अपनी भावनाओं को स्वीकार करना और जरूरत पड़ने पर किसी तक पहुंचना कमजोरी नहीं, आत्म-जागरूकता और हिम्मत है।
मातृत्व हमेशा परफेक्ट नहीं होता
मां बनने की तस्वीर अक्सर सिर्फ खुशियों, बच्चों की मुस्कान और खूबसूरत पारिवारिक पलों के जरिए दिखाई जाती है। लेकिन इसके पीछे की थकान, चिंता, अनिश्चितता और अकेलापन भी उतना ही वास्तविक है।
Kate Middleton का वर्षों पुराना संदेश आज भी इसलिए प्रासंगिक लगता है क्योंकि यह किसी जटिल समाधान की बात नहीं करता। इसका जवाब बेहद साधारण है—किसी से बात कीजिए।
हो सकता है जिस दूसरी मां को आप पूरी तरह खुश और आत्मविश्वासी समझ रहे हों, वह भी अंदर ही अंदर बिल्कुल वही महसूस कर रही हो जो आप महसूस कर रहे हैं। कभी-कभी बातचीत शुरू करने के लिए बस एक व्यक्ति को पहला कदम उठाना पड़ता है।
और शायद यही Kate Middleton की उस बात का सबसे खूबसूरत संदेश है—अकेलापन महसूस होना इस बात का सबूत नहीं कि आप सचमुच अकेली हैं। कभी-कभी आपको बस किसी तक पहुंचने की जरूरत होती है…
