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Virat Kohli का बल्ला फिर बोला: विजय हजारे में शतक के बाद आलोचकों पर करारा तमाचा
दिल्ली के लिए 131 रन की धमाकेदार पारी, पूर्व RCB साथी श्रीवत्स गोस्वामी बोले – विराट को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
भारतीय क्रिकेट में जब भी फॉर्म और आलोचना की बात होती है, एक नाम सबसे पहले चर्चा में आता है – Virat Kohli। एक बार फिर विराट ने अपने बल्ले से जवाब देकर साबित कर दिया कि क्लास हमेशा कायम रहती है। विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में दिल्ली की ओर से खेलते हुए विराट कोहली ने ऐसा शतक जड़ा, जिसने आलोचकों की आवाज को पूरी तरह दबा दिया।
दिल्ली और आंध्र प्रदेश के बीच खेले गए मुकाबले में विराट कोहली ने 101 गेंदों पर 131 रनों की शानदार पारी खेली। यह मैच बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला गया, जहां दिल्ली को 299 रनों का लक्ष्य मिला था। विराट की आक्रामक लेकिन संतुलित बल्लेबाज़ी की बदौलत दिल्ली ने यह लक्ष्य महज़ 37.4 ओवरों में हासिल कर लिया।
इस पारी में विराट कोहली वही पुराने अंदाज़ में नजर आए—कवर्स के ऊपर से क्लासिक ड्राइव, स्पिनरों पर शानदार फुटवर्क और तेज गेंदबाज़ों पर बेखौफ शॉट्स। 37 साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस और भूख साफ दिख रही थी, जो युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा संदेश है।
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विराट की इस पारी के बाद उनके पूर्व रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीममेट Shreevats Goswami ने खुलकर उनकी तारीफ की। गोस्वामी ने कहा कि विराट जैसे खिलाड़ी को कभी भी “आउट ऑफ फॉर्म” नहीं कहा जा सकता। उनके मुताबिक, “जब बड़े मैच आते हैं, विराट खुद-ब-खुद खड़े हो जाते हैं। उन्हें कभी गिनती से बाहर नहीं किया जा सकता।”

गौरतलब है कि यह शतक विराट के हालिया शानदार फॉर्म का ही हिस्सा है। पिछले पांच मुकाबलों में वह तीन शतक और दो अर्धशतक जड़ चुके हैं। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ में भी विराट ने दो शतक और एक अर्धशतक लगाकर अपनी लय का संकेत दे दिया था।
घरेलू क्रिकेट में इस तरह का प्रदर्शन यह साफ करता है कि विराट कोहली सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मंच के खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि जब भी मैदान में उतरते हैं, मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। दिल्ली की इस जीत में उनकी पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह आत्मविश्वास, नेतृत्व और अनुभव का बेहतरीन उदाहरण थी।
क्रिकेट के जानकार मानते हैं कि यह शतक चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए भी एक मजबूत संदेश है। विराट कोहली अब भी बड़े मैच विनर हैं और आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए उनकी भूमिका बेहद अहम रह सकती है।
