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मणिपुर में नवगठित उग्रवादी संगठन का प्रमुख गिरफ्तार भारी मात्रा में हथियार और नकदी बरामद

पाओखोलें गुइटे नामक आरोपी भारत-म्यांमार बॉर्डर पर हथियार और ड्रग्स तस्करी में था शामिल

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मणिपुर में CKMA प्रमुख गिरफ्तार हथियारों और नकदी का बड़ा जखीरा बरामद
मणिपुर पुलिस ने CKMA प्रमुख पाओखोलें गुइटे को हथियारों के जखीरे के साथ दबोचा

मणिपुर की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नवगठित उग्रवादी संगठन चिन कुकी मिजो आर्मी (CKMA) के प्रमुख को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान चुराचांदपुर जिले के पी मोंगजांग गांव निवासी पाओखोलें गुइटे के रूप में हुई है। उसे एस. मुनुआम क्षेत्र से पकड़ा गया।

हथियार और ड्रग्स तस्करी में संलिप्तता

मणिपुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि गुइटे लंबे समय से भारत-म्यांमार सीमा के जरिए हथियार और ड्रग्स की तस्करी कर रहा था। वह राज्य में सक्रिय गैर-SOO संगठनों जैसे यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) के लिए भी हथियार सप्लाई करता था। इसके अलावा, वह वसूली (extortion) जैसी गतिविधियों में भी शामिल था।

मणिपुर में CKMA प्रमुख गिरफ्तार हथियारों और नकदी का बड़ा जखीरा बरामद


SOO संगठनों से अलग

गौरतलब है कि मणिपुर में कई कुकी उग्रवादी संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SOO) समझौता किया है। लेकिन CKMA का नाम इन संगठनों में शामिल नहीं है। इसलिए यह संगठन और इसके सदस्य शांति प्रक्रिया से बाहर माने जाते हैं।

बरामदगी की सूची

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से बड़ी मात्रा में हथियार और अन्य सामान बरामद किया। इनमें शामिल हैं –

  • 2 एके-47 राइफल
  • 2 एके-47 मैगजीन
  • 31 जिंदा कारतूस (7.62 एमएम)
  • 150 राउंड (SLR/LMG के)
  • ₹1,00,000 नकद
  • बुलेटप्रूफ पाउच
  • एक चार पहिया वाहन
  • 2 मोबाइल फोन
मणिपुर में CKMA प्रमुख गिरफ्तार हथियारों और नकदी का बड़ा जखीरा बरामद



सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता

इस गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी सफलता माना है क्योंकि CKMA जैसे नए संगठन राज्य में बढ़ते असंतोष और अवैध गतिविधियों के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि बॉर्डर पर हथियार और ड्रग्स की तस्करी को पूरी तरह से रोका जा सके।

मणिपुर की संवेदनशील स्थिति

मणिपुर पिछले एक साल से जातीय हिंसा और उग्रवाद की समस्या से जूझ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार लगातार शांति बहाली के प्रयास कर रही हैं, लेकिन गैर-SOO संगठनों की गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। पाओखोलें गुइटे की गिरफ्तारी इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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