India News
Assam-Arunachal Pradesh में तबाही का तांडव: फ्लैश फ्लड से 22,000 से ज्यादा लोग प्रभावित, 60 साल पुराना रेलवे ब्रिज ढहा
लगातार बारिश से Brahmaputra नदी उफान पर, सैकड़ों गांव जलमग्न, रेल सेवाएं ठप
Assam और Arunachal Pradesh में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। फ्लैश फ्लड ने हजारों लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है, वहीं बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 22,000 से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा असर Dhemaji जिले में देखा गया है, जहां 15,000 से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं। Nalbari, Dibrugarh, Chirang, Lakhimpur और Kokrajhar जैसे जिले भी बुरी तरह प्रभावित हैं।
इस बीच, देश के Home Minister Amit Shah ने Assam के Chief Minister Himanta Biswa Sarma से फोन पर बात कर हालात का जायजा लिया। सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बन रही है।
Brahmaputra और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे 96 गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। खेतों में खड़ी फसलें भी बर्बाद हो गई हैं—करीब 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित बताई जा रही है।
और भी पढ़ें : BJP जॉइन करते ही Rajinder Gupta की फैक्ट्री पर PPCB का छापा, AAP पर “राजनीतिक बदला” लेने के आरोप, पर सच्चाई क्या है?
सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि 48,000 से अधिक पशु भी इस आपदा की चपेट में आ चुके हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।
सबसे चिंताजनक घटना Dhemaji जिले में सामने आई, जहां 1965 में बना एक रेलवे ब्रिज अचानक ढह गया। यह पुल Archipathar और Simen Chapari स्टेशनों के बीच स्थित था, जिसके गिरने के बाद रेल सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई हैं।
Northeast Frontier Railway (NFR) के अनुसार, भारी बारिश के कारण नदी के किनारे की मिट्टी बह गई, जिससे पुल का एक हिस्सा कमजोर होकर गिर गया। यह घटना न केवल यातायात बल्कि क्षेत्रीय संपर्क के लिए भी बड़ा झटका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण ऐसी घटनाएं अब ज्यादा तेजी से और अधिक खतरनाक रूप में सामने आ रही हैं।
इस बीच, प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों की व्यवस्था करने पर जोर दिया है। हालांकि, बारिश थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे, जिससे आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
