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मध्य पूर्व फिर दहला: दुबई–अबूधाबी–दोहा–मनामा में जोरदार धमाके, ईरान के मिसाइल हमले जारी
अमेरिका–इजरायल की ईरान पर संयुक्त कार्रवाई के बाद दूसरे दिन भी खाड़ी देशों में धमाकों की आवाज़ें; ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमुज़ में तेल टैंकर डूबने का दावा किया
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आज सुबह Dubai, Abu Dhabi, Doha, और Manama में रहने वाले लोगों ने जोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनीं। यह घटनाएँ उस समय सामने आईं जब ईरान ने उन देशों पर मिसाइलें दागना जारी रखा, जहाँ अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
AFP के पत्रकारों ने दुबई में कई विस्फोट सुनने की पुष्टि की, जबकि अबूधाबी में लोगों ने तेज़ धमाके महसूस किए। मनामा में सायरन बजते सुने गए और राजधानी दोहा में एक पत्रकार ने हल्का धमाका सुनने की जानकारी दी। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें एक होटल पर मिसाइल लगने का दावा किया गया, लेकिन स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
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ये धमाके लगातार दूसरे दिन सुनाई दिए हैं, जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी भी बेचैनी महसूस कर रहे हैं। दुबई में रहने वाले भारतीय कम्युनिकेशन प्रोफेशनल आर. चौधरी ने NDTV से फोन पर कहा,
“कुछ घंटों के अंतर से तेज़ धमाकों की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं। यह पता नहीं चल पा रहा कि ये मिसाइल हमले हैं या इंटरसेप्शन।”

इस बीच ईरान ने दावा किया है कि एक तेल टैंकर, जिसे उसकी सेना ने Strait of Hormuz में “गैरकानूनी तरीके से गुजरने” के आरोप में निशाना बनाया था, अब डूब रहा है। ईरानी सरकारी टीवी ने काले धुएं से घिरे टैंकर का फुटेज भी जारी किया है।
स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमुज़ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है—यहीं से दुनिया का लगभग 25% समुद्री तेल और 20% से अधिक लिक्विफाइड नेचुरल गैस की सप्लाई गुजरती है। ऐसे में किसी भी व्यवधान का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ़ दिखाई दे सकता है।
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे सैन्य तनाव से अंतरराष्ट्रीय यात्राओं, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव की आशंका जताई जा रही है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय भी इस स्थिति से चिंतित हैं, जबकि स्थानीय सरकारें सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने में जुटी हैं।
