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“FIFA में बढ़ा नया विवाद! Arsene Wenger ने Gianni Infantino की योजना पर उठाए सवाल, बोले ‘इसे वापस लेना बिल्कुल ज़रूरी था…'”
FIFA World Cup के व्यावसायिक अधिकारों में निजी निवेश की योजना पर Arsene Wenger ने जताई नाराज़गी, कहा- पारदर्शिता और स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
Football की दुनिया में एक बार फिर FIFA की कार्यशैली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस बार सवाल किसी टूर्नामेंट या रेफरी के फैसले पर नहीं, बल्कि FIFA World Cup के व्यावसायिक अधिकारों से जुड़ी एक प्रस्तावित निवेश योजना पर उठे हैं। सबसे खास बात यह रही कि Arsene Wenger, जो खुद FIFA के वरिष्ठ पदाधिकारी हैं, उन्होंने भी इस योजना की खुलकर आलोचना की है।
Arsene Wenger ने साफ शब्दों में कहा कि इस योजना को वापस लेना “बिल्कुल ज़रूरी” था। उनका कहना है कि FIFA जैसी संस्था की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता किसी भी व्यावसायिक लाभ से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
Wenger ने यह भी खुलासा किया कि इस रणनीतिक योजना के बारे में उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस प्रस्ताव की जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से मिली और इस योजना को तैयार करने या मंजूरी देने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
क्या थी FIFA की विवादित योजना?
रिपोर्ट्स के अनुसार, FIFA एक नई व्यावसायिक इकाई (Commercial Entity) बनाने पर विचार कर रहा था। इस इकाई के जरिए FIFA World Cup समेत उसके प्रमुख टूर्नामेंटों के कमर्शियल अधिकारों में अल्पांश हिस्सेदारी (Minority Stake) निजी निवेशकों को बेचने की योजना थी।
इस कदम का उद्देश्य बाहरी निवेश आकर्षित करना और फुटबॉल से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त करना था। हालांकि, यह प्रस्ताव सामने आते ही दुनिया भर की कई फुटबॉल संस्थाओं, राष्ट्रीय फुटबॉल संघों और खेल प्रशासन विशेषज्ञों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
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आलोचकों का कहना था कि यदि निजी निवेशकों को FIFA के व्यावसायिक अधिकारों में हिस्सेदारी दी जाती है, तो इससे संगठन की स्वतंत्रता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, योजना को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं होने पर भी गंभीर सवाल उठाए गए।
Wenger बोले- “स्वतंत्र FIFA ही खेल के हित में”
Arsene Wenger ने अपने बयान में कहा कि वह FIFA में Chief of Global Football Development के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनकी टीम दुनिया भर में फुटबॉल विकास, युवा खिलाड़ियों की शिक्षा, ऑनलाइन ट्रेनिंग सेंटर और विभिन्न विकास कार्यक्रमों की निगरानी करती है।

उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा खेल का विकास रही है और किसी भी बड़े रणनीतिक फैसले में पारदर्शिता, जवाबदेही और उचित परामर्श बेहद आवश्यक हैं।
Wenger ने दोहराया कि FIFA को हमेशा फुटबॉल के हित में काम करना चाहिए और उसकी स्वतंत्रता पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
Infantino पर बढ़ा दबाव
हालांकि FIFA ने विवाद बढ़ने के बाद इस निवेश योजना को वापस ले लिया है, लेकिन इस पूरे मामले ने संगठन की निर्णय प्रक्रिया पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब Gianni Infantino पर यह दबाव बढ़ गया है कि भविष्य में संगठन के बड़े फैसले अधिक पारदर्शी तरीके से लिए जाएं और फुटबॉल से जुड़े सभी हितधारकों को भरोसे में लिया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिक फुटबॉल में व्यावसायिक विस्तार जितना जरूरी है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण खेल की विश्वसनीयता, निष्पक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता है।
