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“विदेशी मुद्रा बचाओ, देश बचाओ” PM Modi की अपील के बाद Minister Ashwini Vaishnaw ने देशवासियों से की ये बड़ी गुज़ारिश
CII Annual Business Summit में Union Minister Ashwini Vaishnaw ने कहा — विदेशी मुद्रा बचाना और कमाना, दोनों एक साथ ज़रूरी हैं।
नई दिल्ली। दुनिया इस वक्त एक बड़े आर्थिक तूफान के बीच खड़ी है। Russia-Ukraine की जंग अभी थमी नहीं, Middle East में हालात बिगड़े हुए हैं, और इन सबका असर सीधे-सीधे भारत की जेब पर पड़ रहा है। ऐसे में Prime Minister Narendra Modi ने देशवासियों से एक ज़रूरी अपील की — और अब उनकी इस अपील को Union Minister Ashwini Vaishnaw ने भी आगे बढ़ाया है।
सोमवार को CII (Confederation of Indian Industry) के Annual Business Summit में बोलते हुए Railways Minister Ashwini Vaishnaw ने कहा कि यह वक्त सिर्फ सरकार के भरोसे बैठने का नहीं है। हर नागरिक को, हर उद्योगपति को, हर व्यापारी को यह सोचना होगा कि वो अपने स्तर पर विदेशी मुद्रा (Forex) की बचत कैसे कर सकता है।
युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ — इसलिए सतर्कता ज़रूरी है
Vaishnaw ने साफ शब्दों में कहा, “जंग अभी जारी है और युद्धविराम अभी दूर है। ऐसे में यह बेहद ज़रूरी हो जाता है कि हम अपनी ज़िंदगी में और अपने काम-काज में उन सभी चीज़ों पर खर्च को कम करें, जिनके लिए विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है।”
उन्होंने यह भी बताया कि भारत पर वैश्विक घटनाओं का असर इसलिए पड़ता है क्योंकि हम energy import पर काफी हद तक निर्भर हैं। Petrol, diesel और fertilizer — इन सबके दाम वैश्विक संकट के कारण बढ़ते हैं, और सरकार कितना भी करे, जब supply chain पर दबाव होता है तो मुश्किलें आती हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से India अभी तक कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता बनाए रखने में सफल रही है।
सिर्फ बचाओ नहीं — कमाओ भी
Vaishnaw की बात यहीं नहीं रुकी। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा सिर्फ बचाने की नहीं, कमाने की भी ज़रूरत है। “हमें एक साथ दो काम करने हैं — Forex की बचत भी और Forex की कमाई भी। यह दोनों चीज़ें साथ-साथ चलनी चाहिए।”
उन्होंने नागरिकों, उद्यमों और व्यवसायों से अपील की कि वे Prime Minister Modi की देश के नाम की गई इस पुकार को गंभीरता से लें और अपने-अपने स्तर पर जो भी संभव हो, वो करें।
PM Modi ने क्या कहा था?
दरअसल, इससे एक दिन पहले यानी रविवार को Prime Minister Narendra Modi ने एक रैली में देशवासियों से कई अपीलें की थीं। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार युद्ध के दुष्प्रभावों से लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन नागरिकों को भी अपना योगदान देना होगा।
PM Modi ने जो सुझाव दिए, वो बेहद व्यावहारिक और ज़मीनी थे:
- Petrol और diesel का जरूरत से ज़्यादा इस्तेमाल न करें।
- शहरों में Metro Rail का उपयोग बढ़ाएं।
- Car Pooling को अपनाएं।
- Electric Vehicles (EVs) का अधिकतम इस्तेमाल करें।
- Parcels भेजने के लिए Indian Railways की सेवाओं का उपयोग करें।
- जहाँ संभव हो, Work From Home करें।
- एक साल के लिए सोना खरीदना और विदेश यात्राएं टालें।
- खाद्य तेल की खपत कम करें।
- Chemical fertilizers का उपयोग घटाएं और Natural Farming को बढ़ावा दें।
- Swadeshi उत्पादों को प्राथमिकता दें।
क्या यह अपील असरदार होगी?

यह सवाल लाज़िमी है। लेकिन जब देश के प्रधानमंत्री और वरिष्ठ मंत्री एक साथ इस मुद्दे को उठाएं, तो यह साफ संकेत है कि हालात को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
दुनिया बदल रही है। वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता है। ऐसे में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हर छोटा-बड़ा कदम मायने रखता है। चाहे वो Metro लेना हो, EV चलाना हो, या विदेशी ब्रांड की जगह Swadeshi उत्पाद चुनना हो — हर निर्णय देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।
जैसा कि Vaishnaw ने कहा — “जो भी आपके बस में हो, वो ज़रूर करें।”
