World News
18 महीने बाद Trump की अर्थव्यवस्था का रिपोर्ट कार्ड: शेयर बाजार रिकॉर्ड पर, लेकिन महंगाई और रोजगार ने बढ़ाई चिंता…
Donald Trump के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती 18 महीनों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने कई बड़े झटके झेले। AI निवेश और शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई, लेकिन महंगाई, रोजगार और घर खरीदने की बढ़ती लागत अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
Washington D.C. में Donald Trump के दूसरे कार्यकाल को 18 महीने पूरे हो चुके हैं। इस दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने कई बड़े उतार-चढ़ाव देखे। चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों में महंगाई कम करने, मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां बढ़ाने और मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की बात प्रमुख थी। हालांकि मौजूदा आर्थिक आंकड़े बताते हैं कि तस्वीर उम्मीद से कहीं अधिक जटिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने आव्रजन (Immigration) पर सख्ती, ऊंचे आयात शुल्क (Tariffs) और Iran के साथ युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद मजबूती दिखाई है। लेकिन आम नागरिकों की जेब पर इसका असर अब भी साफ दिखाई दे रहा है।
रोजगार बाजार में मिला-जुला प्रदर्शन
Bureau of Labor Statistics के आंकड़ों के अनुसार, Donald Trump के सत्ता में लौटने के बाद श्रमबल (Labour Force) और रोजगार दोनों में गिरावट दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई और सख्त इमिग्रेशन नीति के कारण कई उद्योगों में श्रमिकों की उपलब्धता कम हुई है। इसके साथ ही अमेरिका की बढ़ती उम्र वाली आबादी भी श्रम बाजार पर दबाव बढ़ा रही है।
हालांकि Artificial Intelligence (AI) से जुड़े डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण निर्माण (Construction) क्षेत्र में नई नौकरियां जरूर पैदा हुई हैं, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार में वह उछाल नहीं आया जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
महंगाई पर नहीं लगी पूरी तरह लगाम
2024 के चुनाव में महंगाई सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा थी। Donald Trump ने कीमतें कम करने का वादा किया था, लेकिन 18 महीने बाद भी अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve के 2 प्रतिशत मुद्रास्फीति लक्ष्य से महंगाई ऊपर बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे आयात शुल्क, Iran युद्ध के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और AI सेक्टर में भारी निवेश ने कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बनाया है।
तेल की कीमतें युद्ध शुरू होने के बाद करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे परिवहन और कई अन्य क्षेत्रों की लागत बढ़ गई।
आमदनी में ठहराव, खर्च बरकरार
हालांकि अमेरिकी उपभोक्ता अब भी खर्च कर रहे हैं, लेकिन Disposable Personal Income यानी टैक्स के बाद लोगों के हाथ में बचने वाली वास्तविक आय में हाल के महीनों में ठहराव देखा गया है।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यदि आय में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले महीनों में उपभोक्ता खर्च भी प्रभावित हो सकता है, जिसका सीधा असर आर्थिक विकास पर पड़ेगा।
घर खरीदना अब भी बड़ी चुनौती
Trump प्रशासन ने जीवन को अधिक किफायती बनाने की बात कही थी, लेकिन आवास क्षेत्र में हालात ज्यादा नहीं बदले हैं।
घरों की ऊंची कीमतें, महंगे मॉर्गेज (Mortgage) और बढ़ते होम इंश्योरेंस प्रीमियम के कारण पहली बार घर खरीदने वालों के लिए मुश्किलें बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आवास की उपलब्धता बढ़ाना केवल संघीय सरकार के हाथ में नहीं है क्योंकि भूमि उपयोग और ज़ोनिंग नियम स्थानीय प्रशासन तय करता है।
और भी पढ़ें : Iran से बातचीत, साथ में Fighter Jets और 2,000 Troops West Asia में US की दोहरी चाल, JD Vance पहुँचे Pakistan
शेयर बाजार ने दिया बड़ा सहारा
जहां महंगाई और रोजगार चिंता का विषय बने हुए हैं, वहीं अमेरिकी शेयर बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया है।
S&P 500 इंडेक्स Donald Trump के दूसरे कार्यकाल में अब तक लगभग 25 प्रतिशत चढ़ चुका है। यह प्रदर्शन पिछले चार दशकों के अमेरिकी राष्ट्रपतियों के शुरुआती 18 महीनों के औसत प्रदर्शन के लगभग बराबर माना जा रहा है।
Trump लगातार शेयर बाजार की रिकॉर्ड ऊंचाइयों को अपनी आर्थिक नीतियों की सफलता बताते रहे हैं।
AI निवेश बना सबसे बड़ा इंजन

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत Artificial Intelligence (AI) सेक्टर से मिला है।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और नई तकनीकों में भारी निवेश के चलते कॉरपोरेट बॉन्ड जारी करने का आंकड़ा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। जून 2026 तक अमेरिकी कंपनियां लगभग 1.52 ट्रिलियन डॉलर के बॉन्ड जारी कर चुकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भविष्य में आर्थिक विकास और उत्पादकता को गति दे सकता है, हालांकि इसका पूरा असर अभी सामने आना बाकी है।
क्या कहते हैं 18 महीने के आंकड़े?
Trump के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती 18 महीनों की तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक या पूरी तरह नकारात्मक नहीं कही जा सकती।
एक तरफ AI निवेश, कॉरपोरेट सेक्टर और शेयर बाजार मजबूती दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महंगाई, रोजगार, घरों की बढ़ती कीमतें और मध्यम वर्ग की आय में ठहराव सरकार के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
अब सभी की नजर अमेरिका के आगामी Midterm Elections पर रहेगी, जहां अर्थव्यवस्था सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनने की संभावना है।
