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Houthis के बढ़ते हमलों के बीच Israel से मदद मांग रहा Saudi Arabia? Makkah Pact के बावजूद Riyadh ने क्यों बदली रणनीति…

Reports के मुताबिक CENTCOM की मध्यस्थता में Saudi Arabia और Israel के बीच Intelligence Support पर बातचीत; Britain से भी मांगी मदद, Bab el-Mandeb पर Houthi बढ़त ने बढ़ाई Riyadh की चिंता

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Dainik Diary Asad 2026 09 15T225408.471
Houthi Forces की Bab el-Mandeb के आसपास बढ़ती गतिविधियों के बीच Saudi Arabia के Israel से Intelligence Assistance और Britain से Security Support मांगने की Reports सामने आई हैं।

Riyadh : Middle East में तेजी से बदलते हालात के बीच Saudi Arabia की सुरक्षा रणनीति में एक दिलचस्प मोड़ देखने को मिल रहा है। Yemen के Houthis के बढ़ते हमलों और Bab el-Mandeb Strait के आसपास उनकी सैन्य बढ़त के बीच Riyadh ने कथित तौर पर Israel से Intelligence Assistance को लेकर बातचीत की है।

Reports के मुताबिक ये बातचीत सीधे औपचारिक Saudi-Israel diplomatic channel के बजाय United States Central Command (CENTCOM) की मध्यस्थता में हुई है।

बातचीत ऐसे समय सामने आई है जब Saudi Arabia ने हाल ही में Pakistan और Turkey के साथ Makkah Joint Defence Agreement किया था। इस Agreement में किसी एक सदस्य पर Armed Attack को तीनों पर हमला मानने का प्रावधान है।

इसके बावजूद Houthi संकट में फिलहाल किसी बड़े संयुक्त सैन्य अभियान की घोषणा नहीं हुई है।

Israel से आखिर किस तरह की मदद चाहता है Saudi Arabia?

रिपोर्ट्स के मुताबिक Saudi Arabia की प्राथमिक मांग Intelligence Support से जुड़ी है।

इसका उद्देश्य Houthi Forces की Deployment, Weapons Infrastructure और संभावित Future Operations की बेहतर Intelligence Picture तैयार करना बताया जा रहा है।

यानी फिलहाल सामने आई जानकारी किसी बड़े Israeli Military Deployment की पुष्टि नहीं करती। चर्चा मुख्य रूप से Intelligence Sharing पर केंद्रित बताई गई है।

Saudi Arabia और Israel के बीच औपचारिक Diplomatic Relations नहीं हैं, इसलिए CENTCOM की भूमिका इस संभावित सहयोग को और महत्वपूर्ण बनाती है।

Bab el-Mandeb क्यों बन गया Saudi Arabia के लिए बड़ी चिंता?

Bab-el-Mandeb दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण Maritime Chokepoints में से एक है। यह Red Sea को Gulf of Aden और आगे Indian Ocean से जोड़ता है।

हाल के संघर्ष में Houthi Forces ने Yemen के Red Sea Coast पर महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की है। Mokha और Strait के पास रणनीतिक इलाकों पर उनकी बढ़ती मौजूदगी ने International Shipping और Saudi Oil Exports को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

Houthis की ओर से Saudi Cities, Military Installations और Energy Infrastructure को भी निशाना बनाया गया है।

ऐसे में Riyadh के लिए यह संकट केवल Yemen की लड़ाई नहीं रह गया है। इसका सीधा संबंध National Security, Oil Infrastructure और Crude Export Routes से जुड़ता जा रहा है।

Makkah Pact के बावजूद Pakistan का तत्काल Military Action से इनकार

यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि August 2026 में Saudi Arabia, Pakistan और Turkey ने Makkah Joint Defence Agreement पर हस्ताक्षर किए थे।

समझौते के मुताबिक तीनों देशों में से किसी एक पर Armed Attack को सभी सदस्यों के खिलाफ हमला माना जाएगा।

लेकिन Houthi हमलों के बीच Pakistan ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल Makkah Pact के तहत किसी Military Response पर चर्चा नहीं हुई है।

इसका अर्थ Agreement का खत्म होना या औपचारिक रूप से ‘Fail’ होना नहीं है, लेकिन मौजूदा संकट ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि Collective Defence Clause व्यवहार में किस परिस्थिति में और किस तरह इस्तेमाल किया जाएगा।

Britain से भी मांगी मदद

Saudi Arabia केवल Israel की तरफ नहीं देख रहा है। Reports के मुताबिक Riyadh ने United Kingdom से भी Houthi Threat का मुकाबला करने के लिए सहायता मांगी है।

Saudi Arabia कथित तौर पर Bab el-Mandeb के आसपास Houthi बढ़त रोकने और अपने Oil Infrastructure को Missile तथा Drone Attacks से बचाने में British Support चाहता है।

Britain की ओर से Military Advisers भेजे जाने की खबर सामने आई है, जबकि किसी व्यापक Military Intervention को लेकर अभी अंतिम प्रतिबद्धता की पुष्टि नहीं हुई है।

Saudi Arabia और Israel के हित कहां मिलते हैं?

Saudi Arabia और Israel के बीच औपचारिक Diplomatic Relations भले ही न हों, लेकिन Houthi Threat दोनों के लिए सुरक्षा चुनौती है।

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October 7, 2023 के बाद Middle East में बढ़े संघर्ष के दौरान Houthis ने Red Sea में Israel से जुड़े Shipping Targets पर हमले किए और Israel की ओर Missiles तथा Drones भी दागे।

इसके जवाब में Israel ने भी Yemen में Houthi Targets पर कई Military Strikes किए हैं।

यही वजह है कि Houthi Military Capabilities पर नजर रखना Saudi Arabia और Israel दोनों के Strategic Interests से जुड़ा है।

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क्या Abraham Accords की तरफ बढ़ सकती है बात?

Saudi-Israel Cooperation की किसी भी खबर के साथ Abraham Accords का सवाल भी सामने आता है।

2020 में UAE और Bahrain समेत कई देशों ने Israel के साथ संबंध सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की थी। October 2023 से पहले Saudi Arabia और Israel के बीच Normalisation की संभावना पर भी व्यापक चर्चा चल रही थी, लेकिन Gaza War के बाद यह प्रक्रिया मुश्किल हो गई।

मौजूदा Intelligence Cooperation को सीधे Diplomatic Normalisation मानना जल्दबाजी होगी।

फिर भी यदि Saudi Arabia और Israel किसी साझा Security Threat के खिलाफ पर्दे के पीछे सहयोग बढ़ाते हैं, तो भविष्य के Regional Relations पर इसका असर पड़ सकता है।

Red Sea Crisis का असर दुनिया तक

Houthi Advance केवल Saudi Arabia या Israel की चिंता नहीं है। Bab el-Mandeb Strait Asia और Europe को जोड़ने वाले प्रमुख Shipping Routes में शामिल है।

इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने पर Ships को लंबे Routes लेने पड़ सकते हैं, जिससे Freight Cost, Insurance Premium और Delivery Time बढ़ने का खतरा रहता है।

ऊर्जा बाजार के लिए मामला और संवेदनशील है क्योंकि Saudi Arabia दुनिया के सबसे बड़े Oil Exporters में शामिल है।

इसी कारण Houthi Advance और Saudi Energy Infrastructure पर हमलों का असर Global Oil Prices तक दिखाई दे सकता है।

Makkah Pact पर भी होगी दुनिया की नजर

मौजूदा संकट अब Saudi Arabia के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर रहा है। एक तरफ उसे Houthis की Military Advance और अपने Energy Infrastructure की सुरक्षा से निपटना है, वहीं दूसरी तरफ उसके नए Makkah Defence Pact की व्यावहारिक क्षमता भी पहली बड़ी परीक्षा से गुजर रही है।

Israel और Britain से संभावित सहायता की खबरें इसी बदलते Security Equation को दिखाती हैं।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Saudi-Israel बातचीत Intelligence Cooperation तक सीमित बताई जा रही है। इसे औपचारिक Military Alliance या Saudi-Israel Normalisation के रूप में देखना अभी जल्दबाजी होगी।

लेकिन Bab el-Mandeb में हालात और बिगड़ते हैं तो Middle East में पुराने प्रतिद्वंद्वियों और नए Partners के बीच समीकरण तेजी से बदल सकते हैं।

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