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DUSU Election 2026: Porsche-Defender से Chai-Sutta तक छाया चुनावी रंग, ABVP-NSUI से आगे Gen Z पूछ रही Hostel, Safety और AI का क्या?

Delhi University में 18 September को होने वाले DUSU Election से पहले Campus चुनावी रंग में डूबा है। कहीं महंगी गाड़ियां और जोरदार Campaigning सुर्खियां बटोर रही हैं, तो कहीं Students Hostel, Safety, PG Regulation, Metro Fare और AI-based Education जैसे मुद्दों पर जवाब मांग रहे हैं। करीब 2.75 लाख Students वोट डालने के पात्र हैं और चार पदों के लिए कुल 20 Candidates मैदान में हैं।

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DUSU Election 2026 से पहले Delhi University में Campaign तेज हो गया है। महंगी गाड़ियों और नारों के बीच Students Hostel, Safety, PG Regulation और AI-based Learning जैसे Campus Issues भी उठा रहे हैं।

Delhi University में September आते ही माहौल बदल जाता है। College Gates के बाहर नारे, गलियों में Campaigners, दीवारों पर Posters और Chai Stalls पर उम्मीदवारों को लेकर बहस—DUSU Election के दौरान Campus Politics लगभग हर तरफ दिखाई देने लगती है।

लेकिन इस बार चुनावी तस्वीर में एक दिलचस्प विरोधाभास भी नजर आ रहा है। एक ओर Porsche, Bentley, Defender और Ferrari जैसी महंगी गाड़ियां Campus में लोगों का ध्यान खींच रही हैं, वहीं दूसरी तरफ Students के बीच Hostel की कमी, सुरक्षित PG, Women’s Safety और बदलती Technology के मुताबिक Courses को Update करने जैसे मुद्दे चर्चा में हैं।

2.75 लाख Students, चार पद और 20 Candidates

Delhi University Students’ Union यानी DUSU के लिए Voting 18 September 2026 को होगी, जबकि Votes की Counting अगले दिन 19 September को निर्धारित है।

इस बार करीब 2.75 लाख Students मतदान के पात्र हैं। Final Contest में कुल 20 Candidates हैं—President के लिए सात, Vice-President के लिए पांच और Secretary तथा Joint Secretary के लिए चार-चार उम्मीदवार मैदान में हैं।

चुनाव में Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad यानी ABVP और National Students%27_Union_of_India यानी NSUI के अलावा AISA-SFI Alliance और अन्य Candidates भी मैदान में हैं।

ABVP और NSUI ने किसे उतारा?

ABVP ने President पद के लिए Yash Dabas, Vice-President के लिए Ishu Maurya, Secretary के लिए Riya Chhabri और Joint Secretary के लिए Lakshyaraj Singh को मैदान में उतारा है।

दूसरी ओर NSUI Panel में President के लिए Vijay Shankar Meena, Vice-President के लिए Vir Chatrath, Secretary के लिए Namrata Chaudhary और Joint Secretary के लिए Gopal Choudhary चुनाव लड़ रहे हैं।

President की Race में Ananya Raturi AISA-SFI Alliance की उम्मीदवार हैं। इसके अलावा Final List में ऐसे Candidates भी शामिल हैं जिनकी पृष्ठभूमि खेल, सामाजिक सक्रियता और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी है।

बड़ी गाड़ियों से आगे क्या चाहती है Gen Z?

DUSU Campaign का चमकदार हिस्सा आसानी से ध्यान खींचता है। लेकिन Campus में हर Student के लिए चुनाव का मतलब केवल Posters, Slogans और बड़ी गाड़ियां नहीं है।

India Today से बातचीत में AISA-SFI की Ananya Raturi ने महंगे Campaign Show पर सवाल उठाते हुए कहा कि DU Students को सबसे पहले उनकी बुनियादी जरूरतों का समाधान चाहिए। उन्होंने ABVP और NSUI दोनों पर Students की समस्याओं का पर्याप्त समाधान नहीं करने का आरोप लगाया और Elitism का विरोध करने की बात कही। यह उनका राजनीतिक दावा है।

एक अन्य Student ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर AI और New-Age Learning का मुद्दा उठाया। Student का कहना था कि BSc जैसे Courses को केवल पुरानी किताबों और Labs तक सीमित नहीं रखा जा सकता और बदलते दौर में AI-integrated Curriculum की जरूरत है।

यानी 2026 के DUSU Election में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कौन-सा संगठन जीतेगा। Students का एक वर्ग यह भी पूछ रहा है कि उनकी Degree और Curriculum उन्हें तेजी से बदलती Job Market और Technology के लिए कितना तैयार कर रहे हैं।

College Gate पर खत्म नहीं होता Campaign

DUSU Election की खासियत यह भी है कि Campaign College Campus तक सीमित नहीं रहता। Hansraj College, Hindu College, Ramjas College और Kirori Mal College से लेकर Kamla Nagar और Satya Niketan तक चुनावी चर्चा Students के साथ चलती रहती है।

Chai Stall हो या Food Joint, DUSU की Politics रोजमर्रा की Student Life में घुली हुई दिखाई देती है। खास तौर पर First-Year Students पर Campaigners का जोर है, क्योंकि बड़ी संख्या में ये Students पहली बार DUSU Election में Vote डालेंगे।

Campaign के बीच Students ने खाने-पीने और Attendance से जुड़े कथित Incentives की बातें भी साझा की हैं। India Today से बातचीत में एक Student ने दावा किया कि पिछले चुनाव में Vote के बदले एक सप्ताह की Attendance का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में वह पूरा नहीं हुआ। यह संबंधित Student का व्यक्तिगत दावा है।

और भी पढ़ें : Amit Shah बोले- ‘विरोध-प्रदर्शन से निपटना मेरी किस्मत…’, Gujarat में जलभराव पर किया बड़ा वादा

Hostel और PG Safety क्यों बना बड़ा मुद्दा?

इस चुनाव में Student Housing और Safety भी प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। Satya Niketan में 6 September को पांच मंजिला PG Building गिरने की घटना में सात लोगों की मौत और पांच लोगों के घायल होने के बाद आसपास रहने वाले Students की सुरक्षा पर नए सवाल खड़े हुए।

DU में Hostel Capacity भी लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। India Today की रिपोर्ट में University Data का हवाला देते हुए कहा गया है कि अध्ययन में शामिल 77 Colleges में से 57 में Hostel नहीं था, जबकि हर साल University में प्रवेश लेने वाले 70,000 से अधिक Students के मुकाबले करीब 7,000 Hostel Beds उपलब्ध थे।

इसी वजह से Hostel और PG Regulation चुनावी Campaign का हिस्सा बने हैं। ABVP ने Housing और Safety से जुड़े मुद्दे उठाए हैं, AISA-SFI Alliance अधिक Hostels और PG Regulation की मांग कर रहा है, जबकि NSUI ने Colleges में Hostel Facilities और Students के लिए सस्ते Metro Pass जैसे प्रस्ताव रखे हैं। ये संबंधित संगठनों के चुनावी वादे और रुख हैं।

DUSU 2026 में मुकाबला सिर्फ ABVP vs NSUI नहीं

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DUSU Elections को अक्सर ABVP बनाम NSUI के मुकाबले के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन 2026 की Candidate List इस तस्वीर को कुछ व्यापक बनाती है। AISA-SFI Alliance के साथ अन्य उम्मीदवार भी चारों Posts की Race में मौजूद हैं। Final List में International-level Sportspersons, एक Visually Challenged Candidate और पहली बार Ladakh से एक Student Candidate जैसी विविध पृष्ठभूमियां भी शामिल हैं।

ऐसे में 18 September को Students के सामने केवल अलग-अलग संगठन और Candidates नहीं होंगे, बल्कि Campus Life से जुड़े कई मुद्दे भी होंगे—Hostel कहां मिलेगा, PG कितना सुरक्षित है, Women’s Safety कैसे बेहतर होगी, Campus Facilities में क्या बदलेगा और AI के दौर में पढ़ाई कितनी बदलेगी।

Porsche और Defender चुनावी Campaign की तस्वीर को चमकदार जरूर बना सकती हैं, लेकिन Ballot Box तक पहुंचते-पहुंचते DU के Students किन मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं, इसका जवाब Voting और उसके बाद 19 September की Counting से सामने आएगा।