Politics
‘ABVP कार्यकर्ता से शिक्षा मंत्री तक… फिर इस्तीफा’: कौन हैं Dharmendra Pradhan, जानिए उनके सियासी सफर की पूरी कहानी
देशभर में परीक्षा पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच Dharmendra Pradhan ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। आइए जानते हैं उनके छात्र राजनीति से लेकर केंद्रीय मंत्री बनने तक के लंबे राजनीतिक सफर के बारे में।
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत के शिक्षा मंत्री रहे Dharmendra Pradhan ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि उनका राजनीतिक सफर तीन दशक से भी अधिक पुराना रहा है और उन्होंने संगठन से लेकर सरकार तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
ABVP से शुरू हुई राजनीति की यात्रा
Dharmendra Pradhan ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र संगठन Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) से की थी। कॉलेज के दिनों में छात्र राजनीति में सक्रिय रहने वाले Pradhan ने संगठन में लगातार जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 1993 में वे ABVP के राज्य सचिव बने और 1995 में राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिली।
इसके बाद उन्होंने 1998 में Bharatiya Janata Party (BJP) की सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और धीरे-धीरे पार्टी के प्रमुख नेताओं में अपनी पहचान बनाई।
Odisha की राजनीति से संसद तक का सफर
वर्ष 2000 से 2004 तक Dharmendra Pradhan ने Odisha Legislative Assembly के सदस्य के रूप में कार्य किया। इसी दौरान 2001 में उन्हें Bharatiya Janata Yuva Morcha (BJYM) का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जबकि 2002 में वे BJP के राष्ट्रीय सचिव बने।
साल 2004 में वे पहली बार Lok Sabha के लिए निर्वाचित हुए। उसी वर्ष उन्हें BJYM का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया। संसद में उन्होंने ऊर्जा, याचिका और सरकारी आश्वासन जैसी कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में सदस्य के रूप में काम किया।
और भी पढ़ें : ‘NEET पूरी तरह खत्म होनी चाहिए…’: Vijay ने तोड़ी चुप्पी, Rahul Gandhi की हिरासत को बताया ‘लोकतंत्र के खिलाफ’
केंद्रीय मंत्री के रूप में संभाले कई बड़े मंत्रालय
Dharmendra Pradhan ने केंद्र सरकार में कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाई। वे Petroleum and Natural Gas, Steel, Skill Development and Entrepreneurship जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे।
वर्ष 2021 में उनके राजनीतिक करियर का बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्हें देश का शिक्षा मंत्री बनाया गया। इसके बाद 2024 के आम चुनाव में दोबारा Lok Sabha पहुंचने के बाद उन्होंने फिर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।
शिक्षा मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, कौशल विकास कार्यक्रमों और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे कई प्रयास किए गए। हालांकि हाल के दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार लगातार विपक्ष और छात्रों के निशाने पर रही।

संसदीय समितियों में भी निभाई अहम भूमिका
संसद में रहते हुए Dharmendra Pradhan ने कई महत्वपूर्ण समितियों में योगदान दिया। वे ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति, सरकारी आश्वासन समिति और दूरसंचार लाइसेंस एवं स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े मामलों की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य भी रहे।
व्यक्तिगत जीवन और शिक्षा
26 जून 1969 को Talcher, Odisha में जन्मे Dharmendra Pradhan, पूर्व केंद्रीय मंत्री Debendra Pradhan और Basant Manjari Pradhan के पुत्र हैं। उन्होंने Utkal University से मानवशास्त्र (Anthropology) में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।
9 दिसंबर 1998 को उनका विवाह Mridula Thakur Pradhan से हुआ। उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं।
इस्तीफे के बाद क्या होगी अगली राजनीतिक भूमिका?
Dharmendra Pradhan का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब देशभर में शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि BJP नेतृत्व उन्हें भविष्य में कौन-सी नई जिम्मेदारी सौंपता है और शिक्षा मंत्रालय की कमान किसे मिलती है।
