Sports
Lionel Messi पर रेड कार्ड नहीं, लेकिन VAR विवाद पर मचा बवाल: South Africa कोच ने उठाए बड़े सवाल
FIFA World Cup 2026 में फैसलों को लेकर नई बहस, Hugo Broos ने Messi केस का हवाला देकर अपने खिलाड़ी की सजा पर सवाल उठाए
Lionel Messi एक बार फिर फुटबॉल मैदान से ज्यादा रेफरी के फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। FIFA World Cup 2026 के दौरान एक मैच में उनके एक फाउल को लेकर रेड कार्ड की मांग उठी, लेकिन अंत में उन्हें किसी भी तरह की बड़ी सजा नहीं दी गई।
इसी फैसले ने अब नया विवाद खड़ा कर दिया है। Hugo Broos, जो कि South Africa national football team के कोच हैं, ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि अगर Messi जैसे बड़े खिलाड़ी के मामले में भी सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो छोटे मामलों में सजा क्यों दी जाती है?
Broos ने अपने खिलाड़ी Themba Zwane को मिले तीन मैचों के बैन का हवाला देते हुए कहा कि यह फैसला बेहद कठोर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “Messi के मामले में तो शायद Not even a VAR देखा गया,” जिससे उनका इशारा तकनीक और रेफरी के फैसलों की inconsistency की ओर था।
इस बयान के बाद फुटबॉल जगत में एक नई बहस शुरू हो गई है कि क्या बड़े खिलाड़ियों को रेफरी और VAR के फैसलों में किसी तरह की “छूट” मिलती है या नहीं।
और भी पढ़ें : Captain नहीं, फिर भी सबसे बड़ा Leader Mo Bobat ने बताया RCB में Virat Kohli की असली भूमिका
World Cup जैसे बड़े टूर्नामेंट में हर फैसला बेहद अहम होता है, और ऐसे में छोटी-छोटी गलतियों या विवादों का असर सीधे टीमों की किस्मत पर पड़ सकता है। Broos का मानना है कि नियम सभी टीमों और खिलाड़ियों के लिए समान होने चाहिए, चाहे खिलाड़ी कितना भी बड़ा क्यों न हो।

दूसरी ओर, फुटबॉल विशेषज्ञों का कहना है कि VAR तकनीक का उद्देश्य ही निष्पक्षता लाना है, लेकिन हर निर्णय को लेकर अलग-अलग राय सामने आना स्वाभाविक है।
अब यह विवाद सिर्फ एक मैच या एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पूरे रेफरी सिस्टम और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।
फैंस भी सोशल मीडिया पर इस बहस में शामिल हो गए हैं। कुछ लोग Messi के फैसले को सही बता रहे हैं, जबकि कुछ Broos के तर्क का समर्थन कर रहे हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस विवाद पर FIFA की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या यह मामला सिर्फ चर्चा तक ही सीमित रह जाता है।
