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Oracle से निकाला, बेंगलुरु छोड़ा, Uber चलाने लगा इस Odisha टेकी की कहानी ने पूरे इंटरनेट को सोचने पर मजबूर कर दिया
14 साल की नौकरी गई, लेकिन न घबराहट न कर्ज़ — भुवनेश्वर लौटे इस इंजीनियर की financial planning देखकर लोग कह रहे हैं: “यही असली अमीरी है”
नई दिल्ली। बेंगलुरु में रहना, किसी बड़ी MNC में काम करना और लाखों का पैकेज — यह सुनने में जितना शानदार लगता है, असलियत में उतना ही नाज़ुक भी होता है। एक layoff, और पूरी ज़िंदगी उलट-पलट। लेकिन Oracle में 14 साल काम करने वाले एक Odisha के टेकी ने जब अपनी नौकरी गँवाई, तो उन्होंने कुछ ऐसा किया जिसे देखकर पूरा सोशल मीडिया दंग रह गया — उन्होंने घबराहट की जगह घर का रास्ता चुना।
वायरल पोस्ट ने छू लिया दिल
यह कहानी X (पहले Twitter) पर Nayak Satya ने शेयर की। उन्होंने लिखा कि उनका करीबी दोस्त, जो Oracle में 14 साल से काम कर रहा था, अचानक layoff का शिकार हो गया। लेकिन जो हुआ उसके बाद, वो किसी को उम्मीद नहीं थी। Satya ने लिखा — “No panic, no stress. He straight away came back to his hometown, Bhubaneswar.”
यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई। लोग पूछने लगे — आखिर यह इत्मीनान कहाँ से आया? जवाब था — सालों की समझदार financial planning।
पैसे ऐसे लगाए कि नौकरी जाने पर भी न डगमगाए
इस टेकी ने अपनी कमाई को कभी सिर्फ bank account में नहीं छोड़ा। उन्होंने Post Office में कई Fixed Deposits करवाई थीं। इसमें दो joint accounts थे — एक माता-पिता के साथ ₹15 लाख का, दूसरा पत्नी के साथ ₹15 लाख का। साथ ही बच्चे के नाम पर भी एक deposit। इन सबसे मिलकर हर महीने करीब ₹28,000 का ब्याज आता है — बिना कुछ किए।

इसके अलावा भारतीय बैंकों में करीब ₹30 लाख की Fixed Deposits थीं, जिनसे हर महीने लगभग ₹15,000 और आते हैं। यानी कुल मिलाकर हर महीने बिना किसी नौकरी के भी ₹43,000 के करीब passive income।
राकेश झुनझुनवाला हमेशा कहते थे — “पहले अपना घर सँभालो, बाजार बाद में।” इस टेकी ने वही किया — शांत दिमाग से, बिना किसी शोर के।
Uber चलाई, लेकिन मज़बूरी में नहीं — अपनी मर्ज़ी से
घर लौटने के बाद वो माता-पिता के साथ रहने लगे। न कोई EMI, न शहर का किराया, न उधार। और जब मन किया, Uber चलाने निकल जाते। यह काम उन्होंने दबाव में नहीं, बल्कि खुद को व्यस्त रखने और थोड़ी extra income के लिए किया।
यह वो इंसान है जो बेंगलुरु जैसे महँगे शहर में रहकर भी कभी किसी loan के जाल में नहीं फँसा। कोई car loan नहीं, कोई personal loan नहीं, कोई credit card का बोझ नहीं।
अब छोटा business शुरू करने की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक अब वो परिवार के साथ मिलकर एक छोटा business शुरू करने की सोच रहे हैं। कोई जल्दी नहीं, कोई panic नहीं। पहले सोचो, फिर करो।
और यही बात लोगों को सबसे ज़्यादा पसंद आई। आज के दौर में जहाँ हर कोई बड़े शहर, बड़ी नौकरी और बड़े खर्चे की दौड़ में है — यह शख्स उस दौड़ से बाहर निकला और शायद ज़्यादा आज़ाद है।
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
इस पोस्ट पर हज़ारों लोगों ने react किया। किसी ने लिखा — “यही असली financial freedom है।” किसी ने कहा — “14 साल नौकरी की और इतना सोच-समझकर बचाया — यह हम सबके लिए सबक है।” कुछ लोगों ने अपने शहर वापस जाने के अपने सपने भी share किए।
सच तो यह है कि इस पूरी कहानी में न कोई हीरो है न कोई villain। बस एक आम इंसान है जिसने बुरे वक्त से पहले ही तैयारी कर ली थी। और जब बुरा वक्त आया — वो मुस्कुराता हुआ घर लौट गया।
