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जब Ruturaj Gaikwadने लगातार 7 गेंदों पर जड़े 7 छक्के, 220 रन की ऐतिहासिक पारी आज भी है यादगार
भारतीय बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड़ ने विजय हजारे ट्रॉफी 2022 में ऐसा कारनामा किया था जिसे आज तक कोई दोहरा नहीं पाया है। लगातार सात गेंदों पर सात छक्के और नाबाद 220 रन की पारी ने उन्हें रिकॉर्ड बुक में हमेशा के लिए अमर कर दिया।
क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए सपने जैसा होता है। दुनिया के कुछ चुनिंदा बल्लेबाज ही इस उपलब्धि तक पहुंच पाए हैं। लेकिन भारतीय बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड़ ने वह कर दिखाया जो उनसे पहले किसी ने नहीं किया था।
उन्होंने सिर्फ छह नहीं, बल्कि लगातार सात गेंदों पर सात छक्के जड़कर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। यही नहीं, उसी मुकाबले में उन्होंने दोहरा शतक लगाकर ऐसी पारी खेली जिसे भारतीय घरेलू क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है।
विजय हजारे ट्रॉफी में बना था इतिहास
यह ऐतिहासिक प्रदर्शन विजय हजारे ट्रॉफी 2022 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में देखने को मिला था। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच खेले गए इस मैच में रुतुराज गायकवाड़ ने बल्लेबाजी की ऐसी मिसाल पेश की जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया।
महाराष्ट्र की टीम दबाव में थी और बड़े स्कोर की जरूरत थी। ऐसे समय में गायकवाड़ ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और शुरुआत से ही शानदार बल्लेबाजी की।
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49वें ओवर में आया तूफान
मुकाबले का सबसे चर्चित पल 49वें ओवर में आया, जब उत्तर प्रदेश के स्पिनर शिवा सिंह गेंदबाजी करने आए। गायकवाड़ पहले ही शानदार लय में थे, लेकिन जो आगे हुआ वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था।
उन्होंने ओवर की पहली छह गेंदों को सीधे सीमा रेखा के पार भेज दिया। इसके बाद आखिरी गेंद नो-बॉल करार दी गई। गायकवाड़ ने उस गेंद पर भी छक्का जड़ दिया। फिर मिली अतिरिक्त गेंद को भी उन्होंने स्टैंड्स में पहुंचा दिया।
इस तरह उन्होंने लगातार सात गेंदों पर सात छक्के लगाने का अनोखा रिकॉर्ड बनाया। उस ओवर में कुल 43 रन बने, जो लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास के सबसे महंगे ओवरों में शामिल है।
220 रन की विस्फोटक पारी
सात छक्कों का रिकॉर्ड ही इस पारी की सबसे बड़ी खासियत नहीं थी। रुतुराज अंत तक नाबाद रहे और उन्होंने केवल 159 गेंदों में 220 रन ठोक दिए।

उनकी इस ऐतिहासिक पारी में 10 चौके और 16 छक्के शामिल थे। मैदान के चारों ओर लगाए गए उनके शॉट्स ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महाराष्ट्र की पूरी टीम ने 330 रन बनाए, जिसमें अकेले गायकवाड़ ने दो-तिहाई से अधिक रन अपने बल्ले से जोड़े। यह आंकड़ा उनकी पारी की महानता को बयां करने के लिए काफी है।
घरेलू क्रिकेट से IPL तक लगातार चमके
रुतुराज गायकवाड़ लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। घरेलू क्रिकेट में उनकी निरंतरता ने उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचाया।
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए खेलते हुए उन्होंने IPL में भी कई यादगार पारियां खेलीं और अपनी बल्लेबाजी से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीता। शांत स्वभाव और तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी उनकी सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है।
कप्तानी में भी दिखाया दम
सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, गायकवाड़ ने नेतृत्व क्षमता में भी खुद को साबित किया है। उन्हें एशियन गेम्स 2023 में भारतीय टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वह आने वाले वर्षों में भारतीय टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल रह सकते हैं। उनकी तकनीक, संयम और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है।
आज भी याद किया जाता है वह दिन
क्रिकेट प्रेमी जब भी असाधारण पारियों की चर्चा करते हैं, रुतुराज गायकवाड़ की 220 रन वाली यह पारी जरूर याद की जाती है। लगातार सात गेंदों पर सात छक्के लगाने का रिकॉर्ड आज भी अद्वितीय है और यह दिखाता है कि जब कोई बल्लेबाज अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में होता है, तो वह इतिहास रच सकता है।
रुतुराज की यह पारी सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट में साहस, आत्मविश्वास और प्रतिभा का शानदार उदाहरण बन चुकी है।
