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‘Rahul Gandhi कोई VVIP नहीं’: Army Defamation Case में देरी पर Supreme Court में उठा सवाल, CJI बोले ‘हमारे सामने सभी बराबर…’

Rahul Gandhi से जुड़े Army defamation case की सुनवाई में देरी पर complainant के वकील Gaurav Bhatia ने उठाए सवाल; Supreme Court ने early hearing के लिए application दाखिल करने को कहा

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Dainik Diary Asad 2026 09 09T162801.712
Rahul Gandhi से जुड़े Army defamation case की सुनवाई में देरी पर Supreme Court में सवाल उठा, जिस पर CJI Surya Kant की bench ने कहा कि अदालत के सामने सभी बराबर हैं।

Rahul Gandhi से जुड़े एक criminal defamation case की सुनवाई में हो रही देरी का मुद्दा बुधवार को Supreme Court of India में उठा। शिकायतकर्ता की ओर से पेश senior advocate Gaurav Bhatia ने कहा कि Rahul Gandhi कोई ‘VVIP’ नहीं हैं और मामले को लंबे समय से सुनवाई के लिए नहीं लिया जाना संस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

इस पर Chief Justice of India Surya Kant की अध्यक्षता वाली bench ने स्पष्ट किया कि अदालत के सामने हर व्यक्ति बराबर है। Bench में Justice Joymalya Bagchi और Justice V Mohana भी शामिल थे।

‘Rahul Gandhi कोई VVIP नहीं हैं’

पूर्व Border Roads Organisation (BRO) director Uday Shankar Sharma की ओर से पेश Gaurav Bhatia ने सुनवाई के दौरान मामले की listing को लेकर सवाल उठाया।

Bhatia ने कहा, “वह कोई VVIP नहीं हैं। मामला पांच महीने पहले भी सूचीबद्ध हुआ था, लेकिन उस पर सुनवाई नहीं हुई। यह संस्था के लिए भी अच्छा संकेत नहीं है।”

दरअसल, दिसंबर 2025 में Supreme Court ने इस मामले को 22 अप्रैल को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था। हालांकि उस दिन मामले पर सुनवाई नहीं हो सकी।

CJI ने कहा—‘हमारे सामने सभी बराबर’

मामला सामने आने के बाद CJI Surya Kant की अध्यक्षता वाली bench ने complainant की ओर से पेश वकील को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए early hearing application दाखिल करने को कहा।

Bench ने कहा, “प्रक्रिया का पालन करते हैं। जल्द सुनवाई की मांग वाली application दाखिल कीजिए। हमारे सामने सभी बराबर हैं। हम इसे सुनवाई के लिए लेंगे।”

इस टिप्पणी के जरिए Supreme Court ने साफ किया कि किसी व्यक्ति के राजनीतिक पद या सार्वजनिक हैसियत के आधार पर अदालत में अलग व्यवहार नहीं किया जाता।

दूसरे मामलों के साथ tag करने पर भी सवाल

Gaurav Bhatia ने इस मामले को Rahul Gandhi से जुड़े दूसरे मामलों के साथ tag किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने Supreme Court से इसे अन्य मामलों से de-tag करने की मांग की।

Bhatia ने अदालत में यह भी आरोप लगाया कि trial court द्वारा तय की गई कुछ तारीखों पर Rahul Gandhi पेश नहीं हुए। उन्होंने मांग की कि मामले को जल्द सुनवाई के लिए लिया जाए और इसे दूसरे मामलों से अलग किया जाए।

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क्या है Rahul Gandhi का Army Defamation Case?

यह विवाद 2022 की Bharat Jodo Yatra के दौरान Rahul Gandhi द्वारा Indian Army को लेकर की गई कथित टिप्पणियों से जुड़ा है। इन्हीं टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ criminal defamation proceedings शुरू की गई थीं।

Rahul Gandhi ने इन proceedings को रद्द कराने के लिए Allahabad High Court का रुख किया था। High Court से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने Supreme Court में appeal दाखिल की।

August 2025 में Supreme Court ने लगाई थी रोक

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Supreme Court में यह मामला अगस्त 2025 में Justice Dipankar Datta और Justice Augustine George Masih की bench के सामने आया था। उस समय शीर्ष अदालत ने Rahul Gandhi के खिलाफ आगे की proceedings पर रोक लगा दी थी।

इसके बाद दिसंबर 2025 में मामले को final hearing के लिए 22 अप्रैल को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी।

अब complainant की ओर से इस देरी को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद CJI-led bench ने early hearing application दाखिल करने को कहा है। ऐसे में आवेदन दाखिल होने के बाद यह मामला एक बार फिर Supreme Court के सामने जल्द आ सकता है।