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क्या फिर महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? रूसी तेल पर अमेरिकी छूट खत्म होते ही भारत पर बढ़ा दबाव

क्या फिर महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? रूसी तेल पर अमेरिकी छूट खत्म होते ही भारत पर बढ़ा दबाव

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Dainik Diary MR Philip 97
तेल टैंकर, पेट्रोल पंप और वैश्विक तेल बाजार में बढ़ते तनाव को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर।

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। इसकी वजह है रूसी कच्चे तेल पर अमेरिका द्वारा दी गई विशेष छूट का खत्म होना। लंबे समय से भारत जिस सस्ते रूसी तेल के सहारे वैश्विक तेल संकट से बचा हुआ था, अब वही रास्ता मुश्किल होता नजर आ रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने रविवार, 17 मई को रूसी समुद्री तेल पर लागू sanctions waiver यानी प्रतिबंधों में दी गई राहत को समाप्त होने दिया। देखने में यह फैसला तकनीकी लग सकता है, लेकिन भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए इसका असर बेहद बड़ा हो सकता है।

भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई और आम लोगों की जेब पर पड़ता है

स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई है क्योंकि दूसरी तरफ Strait of Hormuz में भी संकट बना हुआ है। ईरान युद्ध के चलते इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई तेल टैंकरों की गति धीमी हो गई है और बीमा लागत भी तेजी से बढ़ी है।

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इन हालातों का असर वैश्विक तेल कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक युद्ध शुरू होने से पहले जहां कच्चे तेल की कीमत करीब 72 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं अब यह बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत इस समय “डबल प्रेशर” का सामना कर रहा है। एक तरफ मध्य पूर्व से आने वाली तेल सप्लाई अस्थिर हो रही है और दूसरी तरफ रूस से तेल खरीदने पर फिर से प्रतिबंधों का जोखिम बढ़ गया है।

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पिछले कुछ महीनों में भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा लागत को नियंत्रित रखा था। इससे पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी से राहत मिली थी। लेकिन अब अमेरिकी नीति में बदलाव के बाद भारतीय कंपनियों को भुगतान, बीमा और शिपिंग जैसी कई नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

आर्थिक जानकार मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो भारत में महंगाई बढ़ सकती है। इसका असर ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।

हालांकि सरकार फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले महीनों में पेट्रोल और डीजल के दाम फिर बढ़ सकते हैं।

फिलहाल सबकी नजर अमेरिका, रूस और मध्य पूर्व के हालात पर टिकी है। क्योंकि आने वाले दिनों में लिया गया कोई भी बड़ा फैसला सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आम आदमी के बजट को प्रभावित कर सकता है।