International Affairs
US में वीज़ा पाने के लिए ‘फर्जी लूट’ का खेल! 10 Indians गिरफ्तार, सामने आया चौंकाने वाला तरीका
स्टोर में नकली हथियार के साथ रची जाती थी डकैती की कहानी, फिर खुद को पीड़ित बताकर लिया जाता था U Visa का फायदा
अमेरिका में वीज़ा हासिल करने के लिए एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अमेरिकी अधिकारियों ने 11 भारतीय नागरिकों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने फर्जी लूटपाट की घटनाएं कराकर खुद को अपराध का पीड़ित दिखाने की साजिश रची। इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा मामला अमेरिका के Massachusetts में सामने आया, जहां कई दुकानों में योजनाबद्ध तरीके से नकली डकैती कराई गई। इन घटनाओं का मकसद था कि दुकान में काम करने वाले लोग खुद को हिंसक अपराध का शिकार बताकर U Visa के लिए आवेदन कर सकें।
क्या है U Visa?
अमेरिका में U Visa उन लोगों को दिया जाता है जो किसी गंभीर अपराध के शिकार होते हैं और जांच एजेंसियों की मदद करते हैं। इसका उद्देश्य अपराध पीड़ितों को सुरक्षा और कानूनी सहायता देना है।
लेकिन आरोप है कि कुछ लोगों ने इसी नियम का फायदा उठाने के लिए नकली घटनाओं का सहारा लिया।
कैसे रची गई पूरी साजिश?
जांच के मुताबिक, मार्च 2023 से इस योजना की शुरुआत हुई। आरोपियों ने कई दुकानों — जैसे कन्वीनियंस स्टोर, शराब की दुकानें और फास्ट-फूड आउटलेट्स — में नकली डकैती की घटनाएं कराईं।
इसमें एक व्यक्ति नकली हथियार लेकर दुकान में घुसता था, कर्मचारियों को धमकाता और कैश काउंटर से पैसे लेकर भाग जाता था। यह पूरा घटनाक्रम दुकान के CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो जाता था।
यही वीडियो बाद में वीज़ा आवेदन के लिए “सबूत” के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस को देर से दी जाती थी सूचना
जांच एजेंसियों ने बताया कि हर घटना के बाद दुकान के कर्मचारी तुरंत पुलिस को फोन नहीं करते थे। वे कुछ मिनट इंतजार करते और फिर घटना की सूचना देते थे। यही देरी जांचकर्ताओं को संदिग्ध लगी और धीरे-धीरे पूरा मामला सामने आ गया।
अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना में शामिल लोग आयोजक को पैसे देकर इस नकली डकैती का हिस्सा बनते थे। बदले में दुकानों के मालिकों को भी पैसे दिए जाते थे ताकि वे अपनी दुकान को इस योजना के लिए इस्तेमाल करने दें।

कई राज्यों में हुई गिरफ्तारी
अमेरिकी एजेंसियों ने इस मामले में कई राज्यों से आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कुछ लोग Boston में अदालत में पेश हुए, जबकि अन्य की गिरफ्तारी Kentucky, Missouri और Ohio जैसे राज्यों से हुई।
इस मामले की जांच में Federal Bureau of Investigation यानी FBI और अन्य संघीय एजेंसियां भी शामिल हैं।
आरोप साबित होने पर क्या सजा हो सकती है?
अमेरिकी कानून के अनुसार, अगर आरोप साबित हो जाते हैं तो इन सभी पर वीज़ा फ्रॉड की साजिश का मामला चलेगा। इसके तहत अधिकतम:
- 5 साल तक की जेल
- 3 साल तक निगरानी में रिहाई
- और करीब 2.5 लाख डॉलर तक का जुर्माना
हो सकता है।
हालांकि अदालत में आरोप साबित होने तक सभी आरोपी कानूनन निर्दोष माने जाएंगे।
बढ़ते वीज़ा फ्रॉड पर चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले अमेरिका में बढ़ते वीज़ा फ्रॉड की तरफ इशारा करते हैं। हाल के वर्षों में कई देशों में ऐसे गिरोह पकड़े गए हैं जो लोगों को विदेश भेजने के नाम पर फर्जी तरीके अपनाते हैं।
अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे हो सकते हैं।
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