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Iran ने Bahrain में Amazon AWS की Building पर किया हमला – US और Israel से जंग हुई और खतरनाक
IRGC ने ‘Operation True Promise 4’ के तहत Cloud Computing Centre को बनाया निशाना, Gulf में American कंपनियों पर मंडरा रहा है खतरा
तेहरान/मनामा। मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर आ गया है। Iran की सबसे शक्तिशाली सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने गुरुवार को Bahrain में Amazon के AWS Cloud Computing Centre पर सीधा हमला करने का दावा किया है। यह हमला इतना बड़ा था कि Bahrain के Civil Defence Teams को इमारत में लगी आग बुझाने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
क्या है पूरा मामला?
IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह हमला उनके ‘Operation True Promise 4’ के 90वें चरण के तीसरे फेज़ का हिस्सा था। Iran की सरकारी समाचार एजेंसी Mehr News Agency ने भी इस हमले की पुष्टि की। वहीं Bahrain के Interior Ministry ने स्वीकार किया कि एक कंपनी की इमारत में आग लगी, जिसे Iranian हमले का नतीजा बताया गया।
क्यों हुआ यह हमला?
Iran का कहना है कि यह हमला US और Israel द्वारा बुधवार को Iran के दो प्रमुख Steel Plants – Khuzestan Steel Company (Ahvaz) और Mobarakeh Steel Company – पर किए गए हमले का जवाब है। इन दोनों Plants को उस हमले के बाद बंद करना पड़ा, जिससे Iran की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा।
Gulf में American कंपनियों को धमकी
इस हमले से महज दो दिन पहले IRGC ने Gulf Region में मौजूद 18 American कंपनियों को सीधे निशाने पर रखते हुए चेतावनी दी थी। IRGC ने आरोप लगाया कि ये कंपनियां Artificial Intelligence के जरिए जासूसी और युद्ध में अमेरिकी सेना की मदद कर रही हैं।
इन कंपनियों की लिस्ट में कुछ दुनिया के सबसे बड़े नाम शामिल हैं:

Amazon, Microsoft, Apple, Meta Platforms (Facebook, WhatsApp, Instagram), Intel, Cisco, Oracle, IBM, Dell Technologies, Hewlett Packard (HP), JPMorgan Chase, Tesla, General Electric और Boeing।
IRGC ने यहां तक कह दिया कि इन इमारतों में काम करने वाले लोगों को “अपनी जान बचाने के लिए” तुरंत इमारत छोड़ देनी चाहिए।
Amazon ने क्या कहा?
अभी तक Amazon या AWS की तरफ से इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अमेरिकी सरकार की तरफ से भी प्रतिक्रिया का इंतजार है।
क्या और बड़ा होगा यह युद्ध?
विशेषज्ञों का मानना है कि Iran और US–Israel के बीच यह टकराव अब सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा। Commercial और Tech Infrastucture को निशाना बनाकर Iran एक नया और खतरनाक संदेश दे रहा है – कि वह दुश्मन देशों की आर्थिक नसों को भी काट सकता है। Gulf Region में मौजूद American कंपनियों के कर्मचारियों और भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक होती जा रही है।
Dainik Diary आपको इस घटनाक्रम से जुड़े हर अपडेट से अवगत कराता रहेगा।
