Connect with us

Economy

LPG संकट के बीच बड़ा बदलाव: इंडक्शन कुकर की मांग 40% तक बढ़ने की तैयारी

गैस सप्लाई पर दबाव के चलते लोग अपनाएंगे ‘इलेक्ट्रिक कुकिंग’, सरकार ने उत्पादन बढ़ाने की बनाई रणनीति

Published

on

LPG संकट के बीच इंडक्शन कुकर की मांग बढ़ने की तैयारी, सरकार अलर्ट
LPG संकट के चलते तेजी से बढ़ रही इंडक्शन कुकर की मांग

देश में बढ़ते LPG संकट के बीच रसोई गैस के विकल्प के तौर पर इंडक्शन कुकिंग तेजी से लोकप्रिय हो सकती है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में इंडक्शन कुकर की मांग में 30% से 40% तक उछाल देखने को मिल सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, यह बदलाव ‘क्लीन कुकिंग’ की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। LPG सप्लाई पर बढ़ते दबाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर ईरान संकट के कारण गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है। ऐसे में घरेलू उपभोक्ता अब इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि इस बदलाव से बिजली की मांग में भी बड़ा इजाफा होगा। अनुमान है कि इंडक्शन कुकिंग के चलते 13 से 27 गीगावॉट तक अतिरिक्त बिजली की जरूरत पड़ सकती है। यही वजह है कि सरकार पहले से ही इसकी तैयारी में जुट गई है।

पावर मंत्रालय, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) मिलकर इंडक्शन कुकर बनाने वाली कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं। उनका मकसद उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याओं को समय रहते हल करना है।

सरकार ने इस बढ़ती मांग को देखते हुए इंडक्शन कुकटॉप्स के लिए स्टार लेबलिंग की अनिवार्यता को भी आगे बढ़ा दिया है। पहले यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होना था, लेकिन अब इसे 1 जनवरी 2027 तक टाल दिया गया है।

वर्तमान में भारत में हर साल लगभग 1 करोड़ इंडक्शन कुकर बेचे जाते हैं। अगर मांग में अनुमानित बढ़ोतरी होती है, तो यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है।

दूसरी ओर, पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का दावा है कि देशभर में कहीं भी गैस की कमी (dry-out) की स्थिति नहीं है और वितरण प्रणाली पूरी तरह से सक्रिय है।

LPG संकट के बीच इंडक्शन कुकर की मांग बढ़ने की तैयारी, सरकार अलर्ट


हाल के आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन लाखों घरों तक LPG सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है। साथ ही, ऑनलाइन बुकिंग और OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम ने भी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और तेज बना दिया है।

कुल मिलाकर, LPG संकट ने भारत में कुकिंग के तरीकों में एक बड़ा बदलाव लाने का संकेत दे दिया है। आने वाले समय में इंडक्शन कुकिंग सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि मुख्यधारा बन सकती है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *