वैश्विक तेल संकट के बीच कई देशों में 40% से 90% तक बढ़ीं कीमतें, लेकिन भारत ने 76 दिन तक जनता पर नहीं डाला पूरा बोझ
ट्रंप-शी मुलाकात, अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच भारतीय रुपया दबाव में, बाजार में बढ़ी चिंता।
पीयूष गोयल बोले— अगले 12 महीनों में लागू होंगे कई बड़े Free Trade Agreements, निर्यात को मिलेगा तेज़ बूस्ट।
निर्मला सीतारमण का रूस दौरा टला, उधर रूस ने भारत को भरोसा दिया— ऊर्जा सप्लाई पर बाहरी दबाव का असर नहीं पड़ेगा।
मोदी कैबिनेट ने ₹20,667 करोड़ के अहमदाबाद-धोलेरा रेल प्रोजेक्ट को दी मंजूरी, 2030 तक बदल जाएगी गुजरात की कनेक्टिविटी।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा बोले — अगर लंबे समय तक बढ़े रहे कच्चे तेल के दाम, तो जनता पर पड़ सकता है सीधा असर
मिडिल ईस्ट संकट और बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने ‘जिम्मेदार खर्च’ पर दिया जोर, पीयूष गोयल ने कहा— बिजनेस के लिए दुनिया घूमिए,...