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मौत के डर में जी रहे हैं Mojtaba Khamenei? गुप्त ठिकाने से ‘कूरियर नेटवर्क’ के जरिए चला रहे संपर्क
अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के छिपे होने की रिपोर्ट सामने आई है। दावा है कि वे बेहद गुप्त तरीके से संदेश भेज रहे हैं, जिससे अमेरिका-ईरान वार्ता भी प्रभावित हो रही है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार मिल रही हत्या की धमकियों और हालिया सैन्य हमलों के बाद खामेनेई किसी अज्ञात सुरक्षित स्थान पर छिपे हुए हैं। iहैं कि अब उनसे संपर्क केवल एक बेहद गुप्त “कूरियर नेटवर्क” के जरिए ही हो पा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल द्वारा चलाए गए कथित “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के दौरान खामेनेई घायल भी हुए थे। हालांकि ईरानी सरकार की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह खबर तेजी से चर्चा में है।
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बातचीत में आ रही देरी
अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता में भी इसी वजह से भारी देरी हो रही है। वॉशिंगटन जब भी कोई नया प्रस्ताव भेजता है, तो उसे खामेनेई तक पहुंचाने में काफी समय लग जाता है। इसके बाद जवाब वापस आने में भी लंबा इंतजार करना पड़ता है।
सूत्रों के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों के लिए भी सीधे तौर पर सर्वोच्च नेता तक पहुंचना आसान नहीं रह गया है। सुरक्षा कारणों से संपर्क के पारंपरिक तरीके लगभग बंद कर दिए गए हैं और केवल भरोसेमंद संदेशवाहकों की मदद ली जा रही है।
ट्रंप प्रशासन का बड़ा दावा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि मौजूदा ड्राफ्ट समझौते के मुख्य बिंदुओं पर खामेनेई पहले ही सहमति जता चुके थे। इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर कहा था कि अगले कुछ दिनों में अंतिम फैसला सामने आ सकता है।

हालांकि व्हाइट हाउस ने खामेनेई के ठिकाने या ईरान की आंतरिक संचार व्यवस्था पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
ईरान में बढ़ी सुरक्षा
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस समय अपने शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है। हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष, इज़राइल-ईरान तनाव और अमेरिकी दबाव के कारण ईरानी नेतृत्व लगातार निशाने पर बना हुआ है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह रिपोर्ट सही साबित होती है, तो यह साफ संकेत होगा कि ईरान का शीर्ष नेतृत्व अब खुलकर सामने आने से बच रहा है और हर कदम बेहद गोपनीय तरीके से उठा रहा है।
दुनिया की नजरें वार्ता पर
इस बीच पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है, तो इससे मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव कुछ हद तक कम हो सकता है। लेकिन खामेनेई तक संदेश पहुंचाने में हो रही देरी फिलहाल इस प्रक्रिया को धीमा कर रही है।
