Connect with us

Entertainment

‘Jana Nayagan’ के Show अचानक क्यों रुक गए? बच्चों की मौजूदगी बनी वजह, Theatero में मचा हंगामा

चेन्नई के कई मल्टीप्लेक्स में ए-रेटेड फिल्म ‘जना नायगन’ की स्क्रीनिंग बीच में रोकनी पड़ी। नाबालिग दर्शकों के पहुंचने पर पुलिस और थिएटर प्रबंधन ने सख्ती दिखाई, जिसके बाद कई दर्शकों को इंतजार और रिफंड का सामना करना पड़ा।

Published

on

Dainik Diary Zaid 2026 07 27T170726.266 scaled
चेन्नई के एक मल्टीप्लेक्स में 'जना नायगन' की स्क्रीनिंग के दौरान ए-रेटेड फिल्म में नाबालिगों की मौजूदगी पर कार्रवाई के बाद दर्शकों को इंतजार करना पड़ा।

चेन्नई के कई सिनेमाघरों में **विजय (Vijay) की बहुचर्चित फिल्म Jana Nayagan की स्क्रीनिंग उस समय विवादों में घिर गई, जब ए-रेटेड फिल्म देखने के लिए कई परिवार अपने बच्चों के साथ थिएटर पहुंच गए। नियमों के अनुसार केवल वयस्कों के लिए प्रमाणित इस फिल्म की स्क्रीनिंग को बीच में रोकना पड़ा, जिससे दर्शकों को लंबा इंतजार करना पड़ा।

रविवार सुबह PVR Cinemas, Ampa Mall में सुबह 9:25 बजे शुरू हुए शो के दौरान करीब 9:35 बजे पुलिस अधिकारियों ने ऑडिटोरियम में प्रवेश किया। बताया गया कि वहां कई नाबालिग बच्चे मौजूद थे, जिसके बाद फिल्म को तत्काल रोक दिया गया।

करीब एक घंटे तक रुकी रही स्क्रीनिंग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार थिएटर प्रबंधन ने बच्चों के साथ आए अभिभावकों से ऑडिटोरियम खाली करने का अनुरोध किया। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक घंटे का समय लगा। दर्शकों का कहना था कि इस दौरान प्रबंधन की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

बाद में थिएटर ने प्रभावित दर्शकों को रिफंड की जानकारी दी और बच्चों के बाहर जाने के बाद फिल्म की स्क्रीनिंग दोबारा शुरू की गई।

अन्य थिएटरों में भी सामने आए ऐसे ही मामले

सिर्फ Ampa Mall ही नहीं, बल्कि PVR Grand Mall सहित चेन्नई के अन्य मल्टीप्लेक्सों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आईं। कई जगह शो में देरी हुई, जबकि कुछ स्क्रीनिंग अस्थायी रूप से रद्द करनी पड़ी। सोशल मीडिया पर भी कई दर्शकों ने दावा किया कि नाबालिगों की मौजूदगी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

CBFC ने दिया है A सर्टिफिकेट

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने ‘जना नायगन’ को A (Adults Only) सर्टिफिकेट दिया है। यह प्रमाणन मिलने से पहले फिल्म में कई बदलाव किए गए थे। इनमें कुछ संवादों में संशोधन, हिंसक दृश्यों में कटौती और कुछ राजनीतिक संदर्भों को हटाने जैसी शर्तें शामिल थीं।

और भी पढ़ें : “‘इतनी हिम्मत उनसे भी दिखाइए…’ रिपोर्टर के सवाल पर भड़के Raghav Juyal, छात्रों के समर्थन में दिया ऐसा जवाब कि social media बोला ‘OG Cockroach’”

A सर्टिफिकेट का मतलब है कि 18 वर्ष से कम उम्र के दर्शकों को फिल्म देखने की अनुमति नहीं होती, इसलिए मल्टीप्लेक्सों ने नियमों का सख्ती से पालन किया।

निर्माता ने जताई थी निराशा

फिल्म के निर्माता **वेंकट के. नारायण (Venkat K. Narayana) ने पहले A सर्टिफिकेट मिलने पर निराशा जताई थी। उनका कहना था कि फिल्म में बालिका सशक्तिकरण जैसे सकारात्मक संदेश हैं और इसे परिवार के साथ देखने योग्य बनाया गया था।

Dainik Diary Zaid 2026 07 27T170743.013


हालांकि, प्रमाणन नियम लागू होने के बाद थिएटर प्रबंधन के लिए उनका पालन करना अनिवार्य हो गया।

विजय की आखिरी फिल्म होने से बढ़ा क्रेज

एच. विनोथ (H. Vinoth) के निर्देशन में बनी ‘जना नायगन’ अभिनेता **विजय (Vijay) के फिल्मी करियर की अंतिम फिल्म मानी जा रही है। इसके बाद विजय अपनी राजनीतिक यात्रा पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करेंगे।

फिल्म ने रिलीज के शुरुआती दिनों में बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत की। हालांकि रिलीज से पहले इसका हाई-डेफिनिशन प्रिंट ऑनलाइन लीक होने की खबरें भी सामने आई थीं, लेकिन इसके बावजूद दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ।

क्या कहते हैं नियम?

फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि A सर्टिफिकेट केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि कानूनी प्रतिबंध है। ऐसे में थिएटरों की जिम्मेदारी होती है कि वे नाबालिग दर्शकों को प्रवेश न दें। चेन्नई में हुई घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सिनेमा हॉल अब प्रमाणन नियमों को पहले से अधिक सख्ती से लागू कर रहे हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *