Connect with us

World News

Nazi इतिहास वाली Volkswagen अब Israel के Iron Dome के लिए बनाएगी हथियार — इंटरनेट पर छिड़ी बहस

Hitler के ज़माने में Jews पर ज़ुल्म ढाने वाली कंपनी अब Jewish देश Israel की मदद करेगी — Financial Times की रिपोर्ट ने दुनियाभर में उठाए सवाल

Published

on

Nazi इतिहास वाली Volkswagen अब Israel के Iron Dome के लिए बनाएगी हथियार — इंटरनेट पर छिड़ी बहस
Volkswagen का Osnabrück Plant अब Israel के Iron Dome के लिए components बनाएगा — Nazi इतिहास की वजह से दुनियाभर में छिड़ी बहस। (फाइल फोटो)

इतिहास कभी-कभी ऐसे मोड़ लेता है जो किसी फिल्म की कहानी से भी अजीब लगते हैं। Volkswagen — वो German automobile giant जिसकी नींव Adolf Hitler के Nazi regime के दौरान रखी गई थी, और जिसने World War II में Jews समेत हज़ारों लोगों से forced labour करवाई — अब Israel के missile defence system Iron Dome के लिए components बनाने की तैयारी में है।

Financial Times की रिपोर्ट ने यह खुलासा किया और देखते ही देखते दुनियाभर में इस पर बहस छिड़ गई।

क्या है पूरा Deal?

Volkswagen इस वक्त Israel की defence company Rafael Advanced Defence Systems के साथ बातचीत कर रहा है। इस deal के तहत Germany के Lower Saxony राज्य में स्थित Osnabrück plant को car manufacturing से हटाकर Iron Dome के components बनाने के लिए convert किया जाएगा।

इन components में transport vehicles, launch units और power generators शामिल होंगे। उम्मीद है कि deal finalise होने के बाद 12 से 18 महीनों में manufacturing शुरू हो जाएगी।

इस deal से Volkswagen को 2,300 jobs बचाने में मदद मिलेगी — जो 2024 से खतरे में थीं। Rafael Germany में Iron Dome की missiles के लिए एक अलग production facility भी बनाने की योजना बना रहा है।

Deal से जुड़े एक सूत्र ने FT को बताया —

“मकसद सभी को बचाना है, शायद और बढ़ना भी। इसकी संभावनाएं बहुत हैं।”

Volkswagen और Nazi इतिहास — वो काला अध्याय

यहीं से असली irony शुरू होती है। Holocaust Encyclopedia के मुताबिक Volkswagen की नींव सीधे Hitler के उदय से जुड़ी है। 1938 में Nazi dignitaries ने propaganda के साथ Volkswagen Works का foundation laying किया था।

World War II के दौरान Volkswagen ने हथियार बनाने शुरू किए और यह forced labour और Soviet prisoners of war का इस्तेमाल करने वाली पहली companies में से एक बन गई। बाद में कंपनी ने खुद माना कि उसने military goods और weapons के निर्माण में forced labour का इस्तेमाल किया।

सबसे भयावह खुलासा 1946 में Helmstedt में हुए एक British war-crimes tribunal में हुआ — जब Lower Saxony के छोटे से गांव Rühen में कंपनी के executives पर सैकड़ों बच्चों की हत्या की निगरानी का आरोप लगा। इसे “killing by willful neglect” कहा गया।

Social Media पर छिड़ी बहस

जैसे ही यह खबर आई, X (Twitter) पर लोग irony को समझने की कोशिश करने लगे। User Uri Pilichowski ने लिखा कि Holocaust के दौरान Wolfsburg में Volkswagen की factory में concentration camp के कैदियों — जिनमें Jews भी थे — से forced labour करवाई गई।

वहीं Clash Report नाम के X account ने लिखा —

Volkswagen, जिसे 1930s में Nazi regime ने Hitler के नेतृत्व में बनाया था, अब arms production के ज़रिए Israel का साथ दे रही है।”

Nazi इतिहास वाली Volkswagen अब Israel के Iron Dome के लिए बनाएगी हथियार — इंटरनेट पर छिड़ी बहस


Germany-Israel का मज़बूत रिश्ता

Al Jazeera के मुताबिक Germany आज Israel का दूसरा सबसे बड़ा arms supplier है — US के बाद। 2026 तक Gaza War में Germany ने Israel को $380 million के military export licenses दिए — जो एक साल पहले के मुकाबले दस गुना ज़्यादा है।

Israel German-made Dolphin-class submarines भी इस्तेमाल करता है। बदले में Israel ने Germany को advanced technologies और electronics सहित $2.6 billion का सामान बेचा।

Volkswagen पहले से ही German arms group Rheinmetall के लिए military trucks बनाता है — यह नई deal उसी दिशा में एक और बड़ा कदम है।

इतिहास का चक्र — या नई शुरुआत?

Germany ने Nazi era से खुद को अलग करने की हर कोशिश की है। Volkswagen आज Skoda, Audi समेत कई global brands का समूह है। लेकिन इतिहास की परतें इतनी आसानी से नहीं उठतीं।

जब एक कंपनी जो कभी Jews के खिलाफ हथियार बनाती थी, आज उसी Jewish nation की सुरक्षा के लिए हथियार बनाने जा रही है — तो यह irony दुनिया को सोचने पर मजबूर कर देती है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *