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Air India की West Asia Flights पर Pilots ने उठाया बड़ा सवाल — DGCA को लिखा: “यह जानबूझकर लोगों की जान खतरे में डालना है”

ALPA India ने Ministry of Civil Aviation से मांगी तत्काल कार्रवाई — War Zone में उड़ान भरने वाले Pilots के Insurance की भी नहीं है गारंटी

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Air India की West Asia Flights पर Pilots का बड़ा अलर्ट — DGCA को लिखा "Wilful Endangerment", Insurance पर भी सवाल | Dainik Diary
ALPA India ने DGCA को लिखा पत्र — Air India की West Asia Flights को बताया 'जानबूझकर जान को खतरे में डालना', Pilots के War-Risk Insurance पर भी उठाए सवाल। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जब दुनिया की नज़रें West Asia की जंग पर टिकी हैं, तब भारत के pilots ने एक ऐसा सवाल उठाया है जो सीधे लाखों यात्रियों की जान से जुड़ा है। Airline Pilots’ Association of India (ALPA India) ने Directorate General of Civil Aviation (DGCA) को एक कड़ा पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि Air India की West Asia के conflict zones में जारी उड़ानें यात्रियों, crew और aircraft — सबके लिए “गंभीर और अस्वीकार्य खतरा” हैं।

“Wilful Endangerment” — बेहद सख्त शब्द

ALPA India ने अपने पत्र में जो भाषा इस्तेमाल की, वो बेहद सख्त है। Association ने कहा कि active war zone में या उसके आसपास flights operate करना “wilful endangerment of human life” — यानी जानबूझकर इंसानी जान को खतरे में डालना — है।

यह शब्द सिर्फ एक शिकायत नहीं, बल्कि एक कानूनी चेतावनी भी है।

पहले भी उठाई थी आवाज़ — पर जवाब नाकाफी रहा

ALPA India ने बताया कि उसने इस मुद्दे को पहले 18 मार्च को भी उठाया था। इसके बाद DGCA ने 19 मार्च को एक safety advisory जारी की — जिसमें airlines से कहा गया कि वे खुद अपना risk assessment करें।

लेकिन pilots’ association को यह जवाब नाकाफी लगा। उनका तर्क है कि conflict zone में risk assessment किसी airline का काम नहीं — यह सरकार की ज़िम्मेदारी है। ALPA India ने कहा कि airlines के पास war-like situations में threats को evaluate करने के लिए ज़रूरी intelligence और surveillance capabilities होती ही नहीं हैं।

ICAO के नियम भी कह रहे हैं — State की निगरानी ज़रूरी

International Civil Aviation Organization (ICAO) के नियमों का हवाला देते हुए ALPA India ने कहा कि भले ही ICAO operators को खुद assessment करने की अनुमति देता है — लेकिन active conflict zones में “centralised, authoritative oversight” और state authorities की ओर से timely communication अनिवार्य है।

Pilots के Insurance का भी नहीं है कोई भरोसा

इस पूरे मामले में एक और चिंताजनक पहलू सामने आया है — war-risk insuranceALPA India ने बताया कि conflict zone में उड़ान भर रहे crew members ने बार-बार यह जानना चाहा कि क्या उनका insurance इन routes पर valid रहेगा — लेकिन अब तक कोई formal assurance या documentation नहीं दी गई।

यानी अगर कोई हादसा होता है, तो pilots और crew के परिवारों को शायद मुआवज़ा भी न मिले।

इतिहास गवाह है — War Zones में तबाह हुए हैं Civilian Planes

ALPA India ने अपनी बात को और मज़बूत करने के लिए तीन दर्दनाक हादसों का ज़िक्र किया —

Iran Air Flight 655 — जिसे US Navy ने गलती से मार गिराया था। Libyan Arab Airlines Flight 114 — जो Israel के fighter jets ने मिसाइल से गिराया था। Ukraine International Airlines Flight 752 — जिसे Iran ने गलती से missile से मार गिराया था।

Air India की West Asia Flights पर Pilots ने उठाया बड़ा सवाल — DGCA को लिखा: "यह जानबूझकर लोगों की जान खतरे में डालना है"


तीनों में सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान गई थी। यह सिर्फ आंकड़े नहीं — यह चेतावनी है।

ALPA India ने क्या मांगें रखीं?

ALPA India ने Ministry of Civil Aviation और DGCA से तत्काल ये कदम उठाने की मांग की है — high-risk conflict zones में flights तुरंत suspend की जाएं जब तक comprehensive risk assessment न हो जाए। International best practices के अनुरूप clear और binding operational guidelines जारी की जाएं। Air India के decision-making process की जांच हो — जिसमें operational और crew scheduling roles भी शामिल हों। War-risk insurance coverage का पूरा disclosure और verification सुनिश्चित किया जाए।

Association ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अदालत का दरवाज़ा भी खटखटा सकते हैं।

पत्र में लिखा गया —

“Aviation operations में इंसानी जान की सुरक्षा सर्वोच्च और गैर-समझौताशील प्राथमिकता होनी चाहिए।”

अब तक Ministry और DGCA की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।

Dainik Diary इस मामले की हर update पर नज़र रखे हुए है।

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