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दिल्ली में ₹1.2 करोड़ की ‘क्लाउड सीडिंग’ नाकाम, नहीं हुई बारिश, AAP बोली – क्या खुद ‘इंद्र देव’ उतरेंगे सफाई देने?

दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए की गई कृत्रिम वर्षा की कोशिश नाकाम रही। ₹1.2 करोड़ खर्च के बावजूद बादलों ने साथ नहीं दिया, जबकि AAP और BJP के बीच शुरू हो गई नई सियासी जंग।

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₹1.2 करोड़ खर्च के बावजूद दिल्ली में कृत्रिम बारिश की कोशिश नाकाम, बादलों ने नहीं बरसाई रहमत।
₹1.2 करोड़ खर्च के बावजूद दिल्ली में कृत्रिम बारिश की कोशिश नाकाम, बादलों ने नहीं बरसाई रहमत।

दिल्ली में दमघोंटू प्रदूषण से राहत पाने के लिए की गई कृत्रिम बारिश (Cloud Seeding) की कोशिश मंगलवार को नाकाम रही। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार ने IIT कानपुर के साथ मिलकर यह प्रयोग किया, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी एक बूंद पानी नहीं गिरा।

महंगे प्रयोग से भी नहीं बरसे बादल

दिल्ली सरकार ने मई 2025 में क्लाउड सीडिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी, जिसके तहत पाँच ट्रायल्स के लिए ₹3.21 करोड़ का बजट तय किया गया था। मंगलवार को दो ट्रायल किए गए जिनकी लागत लगभग ₹1.28 करोड़ रही। एक छोटा विमान—Cessna—दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों जैसे बुराड़ी, मयूर विहार और नोएडा के ऊपर उड़ान भरता रहा और सिल्वर आयोडाइड के फ्लेयर्स छोड़े गए। लेकिन नमी की कमी के चलते कृत्रिम बारिश नहीं हो सकी।

₹1.2 करोड़ खर्च के बावजूद दिल्ली में कृत्रिम बारिश की कोशिश नाकाम, बादलों ने नहीं बरसाई रहमत।


IIT कानपुर और दिल्ली सरकार का दावा

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने इस प्रयोग को “विज्ञान आधारित ऐतिहासिक कदम” बताया। उन्होंने कहा, “हमने प्रदूषण से निपटने के लिए विज्ञान का सहारा लिया है। हर ट्रायल हमें सिखा रहा है कि दिल्ली की मौसमी स्थितियों में क्या संभव है।”
हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट में कहा गया कि नमी सिर्फ 10–15% थी, जो क्लाउड सीडिंग के लिए बहुत कम है। बावजूद इसके, सरकार का दावा है कि जिन इलाकों में यह प्रयोग हुआ वहां पर धूलकण (PM स्तर) में कमी दर्ज की गई।

विपक्ष का तंज – ‘क्या खुद इंद्र देव आएंगे?’

जहां एक ओर दिल्ली सरकार इस प्रोजेक्ट को सफल करार दे रही है, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे “फर्जी और बेकार खर्च” बताया।
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूछा, “जब IMD ने पहले से ही बारिश की भविष्यवाणी कर दी थी, तब ट्रायल की क्या जरूरत थी?”
उन्होंने मंच पर बॉलीवुड का मशहूर गाना ‘झूठ बोले कौआ काटे’ बजवाते हुए BJP पर तंज कसा। साथ ही कहा, “क्या इंद्र देव खुद आएंगे बताने कि यह बारिश कृत्रिम थी या प्राकृतिक?”

₹1.2 करोड़ खर्च के बावजूद दिल्ली में कृत्रिम बारिश की कोशिश नाकाम, बादलों ने नहीं बरसाई रहमत।


सियासत की नई बारिश

दिल्ली में यह मुद्दा अब सियासी रूप ले चुका है। BJP जहां कह रही है कि “AAP सिर्फ बातों में माहिर थी”, वहीं AAP का आरोप है कि “केंद्र सरकार ने हमारे वक्त पर क्लाउड सीडिंग की अनुमति ही नहीं दी थी।”
पहली उड़ान दोपहर 2 बजे और दूसरी शाम 4 बजे मेरठ से भरवाई गई, लेकिन शाम तक दिल्ली में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। सिरसा ने कहा कि IIT कानपुर के अनुसार बारिश 15 मिनट से 4 घंटे के भीतर हो सकती थी, परंतु नमी की कमी ने सब उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

आगे क्या?

सरकार अब अगले कुछ दिनों में और 9–10 ट्रायल करने की योजना बना रही है। जिन क्षेत्रों में नमी और बादल थोड़े घने हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे मौसम वाले देश में क्लाउड सीडिंग तभी सफल हो सकती है जब वातावरण में कम से कम 60% आर्द्रता हो।

जनता का सवाल – पैसे की बारिश कब होगी?

लोगों का कहना है कि ₹1.2 करोड़ का यह प्रयोग सिर्फ दिखावा था। एक यूज़र ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बारिश तो नहीं हुई, लेकिन दिल्ली वालों के टैक्स के पैसे जरूर उड़ गए।”
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले ट्रायल्स में विज्ञान सरकार की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाता है।

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