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‘One Nation, One Political Party…’, Abhijeet Dipke का Centre पर निशाना; 10 October के Jantar Mantar Protest से पहले Police Notice पर उठाए सवाल

CJP founder Abhijeet Dipke ने ‘One Nation, One Election’ प्रस्ताव को लेकर BJP-led Centre पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि 10 October को Delhi के Jantar Mantar पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले CJP कार्यकर्ताओं को Police Notices भेजकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है।

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CJP founder Abhijeet Dipke ने ‘One Nation, One Election’ को लेकर Centre पर निशाना साधते हुए “One Nation, One Political Party” का आरोप लगाया और 10 October के Jantar Mantar protest से पहले Police Notices पर सवाल उठाए।

Cockroach Janta Party (CJP) के founder Abhijeet Dipke ने ‘One Nation, One Election’ के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। Maharashtra के Chhatrapati Sambhajinagar में मंगलवार को एक press conference के दौरान Dipke ने दावा किया कि ‘One Nation, One Election’ केवल एक नारा है और असली मंशा “One Nation, One Political Party” की है। यह उनका राजनीतिक आरोप है; सरकार और प्रस्ताव के समर्थक इसे चुनावी सुधार बताते रहे हैं।

‘One Nation, One Election’ पर क्या बोले Abhijeet Dipke?

Abhijeet Dipke ने BJP-led Central Government को निशाने पर लेते हुए ‘One Nation, One Election’ प्रस्ताव पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इसके पीछे चुनावों को केवल एक साथ कराने की बात नहीं है, बल्कि राजनीतिक सत्ता के केंद्रीकरण की मंशा है। हालांकि यह Dipke का दावा है और इसे स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। rliamentary Committee (JPC) के chairman P. P. Chaudhary इस प्रस्ताव को देशहित में चुनावी सुधार बताते रहे हैं। उनके मुताबिक Lok Sabha और State Assembly elections को एक साथ कराने से चुनाव संबंधी प्रशासनिक बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।

प्रस्तावित Constitution (One Hundred and Twenty-Ninth Amendment) Bill, 2024 और Union Territories Laws (Amendment) Bill, 2024 देश में Lok Sabha और State Legislative Assemblies के चुनावों को एक साथ कराने के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने से जुड़े हैं। इन प्रस्तावों की जांच Joint Parliamentary Committee कर रही है और समिति अलग-अलग stakeholders से विचार ले रही है।

हाल के दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और संवैधानिक बहस और तेज हुई है। प्रस्ताव के समर्थक बार-बार होने वाले चुनावों से जुड़े खर्च और प्रशासनिक दबाव को कम करने की दलील देते हैं, जबकि आलोचक संघवाद और सत्ता के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं।

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10 October के Jantar Mantar Protest से पहले Police Notices का आरोप

Press conference में Abhijeet Dipke ने एक और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि Maharashtra Police के जरिए CJP activists को notices भेजे जा रहे हैं और उन्हें 10 October को Delhi के Jantar Mantar पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल न होने के लिए दबाव में लिया जा रहा है।

Dipke के मुताबिक Chandrapur में कुछ CJP कार्यकर्ताओं को notices दिए गए और उनसे Delhi जाने के खर्च के स्रोत के बारे में भी सवाल किए गए। उन्होंने इस कार्रवाई को “dictatorship” करार दिया। यह आरोप Dipke की ओर से लगाया गया है; उपलब्ध रिपोर्टों में इन विशेष आरोपों पर Maharashtra Police का विस्तृत जवाब शामिल नहीं था।

‘Police को पहले से कैसे पता Protest हिंसक होगा?’

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Dipke ने notices में प्रदर्शन के कथित तौर पर हिंसक होने की आशंका का जिक्र किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि Police को पहले से कैसे पता चल सकता है कि आंदोलन हिंसक होगा। उन्होंने social media posts को लेकर कथित निर्देशों पर भी आपत्ति जताई।

CJP की ओर से इससे पहले कहा गया था कि 10 October का प्रस्तावित आंदोलन शांतिपूर्ण होगा। Dipke ने Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर यह नया प्रदर्शन घोषित किया था।

Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP

CJP का आंदोलन Special Intensive Revision (SIR) और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े उसके आरोपों के बीच हो रहा है। संगठन ने CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग उठाई है। Dipke ने Mumbai के Shivaji Park में हुए प्रदर्शन के बाद घोषणा की थी कि अगर Gyanesh Kumar इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 October को Jantar Mantar पर फिर प्रदर्शन किया जाएगा। विवाद का विषय बने हुए हैं और संगठन के सभी आरोप स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं। वहीं ‘One Nation, One Election’ पर संसदीय स्तर पर विचार-विमर्श जारी है।

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