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‘Dacoit: A Love Story’ Review — प्यार, धोखा और जाति की परतें, Adivi Sesh और Mrunal Thakur की यह जोड़ी दिल छू लेती है
Western style में लिपटी एक देसी प्रेम कहानी — Shaneil Deo की यह Telugu-Hindi bilingual film कई मायनों में चौंकाती है, लेकिन कुछ जगहों पर लड़खड़ाती भी है।
कभी-कभी कोई फिल्म आपको पहले frame से ही अपनी मुट्ठी में ले लेती है। Dacoit: A Love Story भी कुछ ऐसा ही करती है — Andhra और Karnataka की सीमा पर घूमती पवनचक्कियाँ, ultra-wide shots में कैद धूप से झुलसा हुआ मैदान, और एक जेल की काली कोठरी में बैठा एक आदमी जिसकी कलाई पर ‘J’ का tattoo है — यानी उसकी Juliet की याद। यह शुरुआत ही बता देती है कि यह सिर्फ एक action film नहीं है।
कहानी — एक झूठे इल्ज़ाम की, एक टूटे हुए आदमी की
फिल्म की कहानी है Hari Das की, जिसे Adivi Sesh ने निभाया है। वह एक ऐसे जुर्म के लिए जेल में बंद है जो उसने किया ही नहीं। बाहर निकलने पर वह सच जानना चाहता है और उस सच की राह उम्मीद से कहीं ज़्यादा उलझी हुई है। साथ है Saraswathy — जिसे Mrunal Thakur ने बेहद संजीदगी से जिया है। दोनों के nicknames हैं Romeo और Juliet — और इन नामों में सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि जाति और समाज का एक पूरा discourse छुपा है।
Director Shaneil Deo और Adivi Sesh ने मिलकर screenplay लिखी है। कहानी 2021 के दूसरे lockdown के बाद की है, जो flashback में 2005 तक जाती है। Non-linear storytelling का इस्तेमाल यहाँ बखूबी हुआ है। 152 मिनट की यह film पहले frame से ही tempo बनाए रखती है।
Mrunal और Sesh — जब chemistry screen पर जीवित हो जाए
Sita Ramam और Hi Nanna के बाद Mrunal Thakur का Telugu filmography में यह एक और मज़बूत अध्याय है। वह इस फिल्म की emotional anchor हैं। जहाँ action है, वहाँ Sesh की आँखों में दर्द है — और जहाँ दर्द है, वहाँ Mrunal की खामोशी सब कह देती है। Chinmayi Sripada की dubbing ने उनके किरदार को और गहरा बनाया है।
Adivi Sesh के लिए यह film एक अलग test था। वह अपने urban, polished image से बिल्कुल बाहर निकले हैं — एक ऐसे आदमी के रूप में जो जेल में कठोर तो हो गया है, लेकिन भीतर से टूटा हुआ भी है। हाँ, उनकी dialect कहीं-कहीं inconsistent लगती है, लेकिन overall उनकी performance उनके career की बेहतरीन performances में से एक है।
जैसे Hindi cinema में Ranbir Kapoor ने Rockstar में अपनी vulnerability से दर्शकों को बाँधा था, कुछ वैसा ही Sesh ने यहाँ करने की कोशिश की है — और काफी हद तक सफल भी रहे हैं।
Anurag Kashyap का surprise — villain नहीं, कुछ और
Anurag Kashyap का किरदार इस फिल्म का एक pleasant surprise है। उनके character को ‘Swami’ कहा जाता है और उन्हें Ayyappa deeksha के context में रखा गया है — जो film की social commentary को एक और dimension देता है। वह और Zayn Marie Khan दोनों अपने-अपने किरदारों में असरदार हैं।
Supporting cast में Atul Kulkarni, Prakash Raj, Sunil, Jhansi और Zarina Wahab हैं — सभी अपने-अपने रंग में। हालाँकि कुछ किरदारों का इस्तेमाल उनकी क्षमता से कम हुआ है।

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Pandemic की पीड़ा — जब Black Fungus और Remdesivir screen पर आए
फिल्म का एक subplot pandemic के दौर की medical exploitation पर है — Black Fungus, Remdesivir की कालाबाज़ारी और बढ़ते hospital bills। यह हिस्सा दर्शकों की एक collective memory को छूता है जिसे शायद हम भूलना चाहते थे, लेकिन भूल नहीं पाए। इस subplot ने film को सिर्फ एक personal love story से उठाकर एक larger social document बना दिया है।
जाति का discourse — नामों में छुपा सच
Hari और Saraswathy — Romeo और Juliet। इन नामों के ज़रिए film जाति-व्यवस्था पर एक subtle लेकिन तीखी टिप्पणी करती है। जब screen पर कोई character सवाल करता है कि कुछ लोग consequences से क्यों बच जाते हैं — तो film कोई आसान जवाब नहीं देती। यह संयम ही इसे साधारण masala film से अलग करता है।
तकनीकी पक्ष — जो दिखता है और जो सुनाई देता है
Cinematographer Danush Bhaskar के ultra-wide frames ने Andhra-Karnataka border के landscape को एक character की तरह जीवंत कर दिया है। VFX पर निर्भर रहने की बजाय real locations का इस्तेमाल film को एक authentic feel देता है।
Bheems Ceciroleo के songs — खासकर ‘Rubaroo’ — और Gyaani का background score Western string arrangements के साथ कहानी को complement करते हैं। हालाँकि कभी-कभी music इतना loud हो जाता है कि dialogue दब जाते हैं।
Editor Kodati Pavan Kalyan ने non-linear timeline को पहले half में बहुत कुशलता से handle किया है।
कमज़ोरियाँ भी हैं — छुपाना ठीक नहीं
सब कुछ perfect नहीं है। फिल्म के दूसरे half में heist sequences थोड़े लंबे खिंचते हैं। कुछ twists अनुमान लगाने में मुश्किल नहीं। जब screen पर एक बच्चा आता है तो दर्शक dots connect करने लगते हैं। और बीच में एक dance number — जिसमें Jonita Gandhi हैं — की ज़रूरत थी या नहीं, यह सवाल मन में उठता है।
फैसला — देखें या नहीं?
Dacoit: A Love Story न तो पूरी तरह celebrate करने वाली film है, न dismiss करने वाली। यह एक ऐसी film है जो सोचने पर मजबूर करती है — अपने किरदारों के ज़रिए, अपनी social commentary के ज़रिए और उस old-school romance के ज़रिए जो आज के swipe करने वाले दर्शकों को भी कहीं न कहीं छू जाती है।
अगर action थोड़ा tight होता और twists थोड़े कम predictable — तो यह एक masterpiece के करीब होती। फिलहाल यह एक अच्छी, कहीं-कहीं बेहतरीन फिल्म है जिसे एक बार ज़रूर देखना चाहिए।
