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“पितृसत्तात्मक वाइब… बहुत कॉम्प्लिमेंटिंग नहीं” Tamannaah Bhatia के बयान ने South Cinema बनाम Bollywood पर छेड़ी नई बहस

अभिनेत्री ने इंडस्ट्री के ‘male gaze’ और महिलाओं की ऑन-स्क्रीन इमेज को लेकर किया खुलकर विश्लेषण, सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चा

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Tamannaah Bhatia ने South Cinema और Bollywood में महिला किरदारों की प्रस्तुति पर जताई राय

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की भूमिका, उनकी प्रस्तुति और उनके किरदारों को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। इसी कड़ी में अभिनेत्री Tamannaah Bhatia ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है जिसने South Cinema और Bollywood दोनों पर नई चर्चा छेड़ दी है।

Tamannaah Bhatia ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि South Indian फिल्मों में कई बार एक “patriarchal vibe” देखने को मिलती है, जहां महिलाओं के किरदारों को अक्सर सीमित और एक खास नजरिए से पेश किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह “very complimenting” नहीं होता, यानी कई बार महिला किरदारों को वह गहराई नहीं मिलती जिसकी वे हकदार होती हैं।

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उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर तुरंत प्रतिक्रिया पैदा कर दी। कई लोग उनके विचारों से सहमत नजर आए, जबकि कुछ ने इसे इंडस्ट्री के प्रति बहुत सामान्यीकरण बताया।

Tamannaah ने यह भी तुलना की कि Bollywood और South Cinema दोनों ही महिलाओं की स्टारडम को अलग-अलग तरीके से आकार देते हैं। जहां कुछ Bollywood प्रोजेक्ट्स में महिला किरदारों को ज्यादा स्वतंत्र और केंद्र में रखा जाता है, वहीं South फिल्मों में पारंपरिक इमेजिंग का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलता है।

फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यह बहस नई नहीं है। बदलते समय के साथ अब कई फिल्में इस सोच को चुनौती भी दे रही हैं, जहां महिला किरदार सिर्फ सहायक भूमिका तक सीमित नहीं रह गए हैं।

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उदाहरण के तौर पर हाल के वर्षों में OTT प्लेटफॉर्म्स और पैन-इंडिया फिल्मों ने ऐसे किरदार पेश किए हैं जो महिला केंद्रित कहानियों को मजबूत करते हैं, चाहे वह थ्रिलर हो या सोशल ड्रामा।

Tamannaah Bhatia का यह बयान एक बार फिर इस चर्चा को सामने ले आया है कि क्या भारतीय सिनेमा वास्तव में महिला किरदारों को समान स्तर पर प्रस्तुत कर रहा है, या अब भी कहीं न कहीं पुरानी सोच का असर बाकी है।

यह बहस फिलहाल थमने वाली नहीं लगती, क्योंकि दर्शक भी अब कंटेंट को ज्यादा आलोचनात्मक नजर से देखने लगे हैं।

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