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Rajpal Yadav का 15 साल पुराना कानूनी विवाद: ₹5 करोड़ के लोन से शुरू हुई कहानी, ₹9 करोड़ तक पहुंचा मामला
फिल्म Ata Pata Laapata के लिए लिया गया लोन, चेक बाउंस विवाद और Delhi High Court का फैसला—जानिए Rajpal Yadav के लंबे कानूनी संघर्ष की पूरी कहानी।
नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Yadav एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि करीब 15 साल पुराना कानूनी विवाद है। दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में चेक बाउंस मामले में उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए तीन महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई है। इसके बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ गया है।
फिल्म बनाने का सपना बना कानूनी विवाद की वजह
इस पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी। उस समय Rajpal Yadav ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म “Ata Pata Laapata” के निर्माण के लिए दिल्ली स्थित Murli Projects Pvt. Ltd. से करीब 5 करोड़ का कर्ज लिया था। अभिनेता को उम्मीद थी कि यह फिल्म उनके करियर में नई पहचान बनाएगी।
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बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला जादू
साल 2012 में रिलीज हुई Ata Pata Laapata दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकी। फिल्म के कमजोर प्रदर्शन का असर इसकी कमाई पर पड़ा और आर्थिक दबाव बढ़ता चला गया। इसी के चलते तय समय पर कर्ज की अदायगी नहीं हो सकी, जिसके बाद विवाद ने कानूनी रूप ले लिया।
चेक बाउंस के बाद शुरू हुई कानूनी कार्रवाई
कर्ज चुकाने के लिए जारी किए गए कुछ चेक बैंक से क्लियर नहीं हो सके। इसके बाद संबंधित कंपनी ने चेक बाउंस के प्रावधानों के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामला धीरे-धीरे निचली अदालत से लेकर उच्च न्यायालय तक पहुंच गया और कई वर्षों तक सुनवाई चलती रही।

2018 में हुई थी दोषसिद्धि
साल 2018 में ट्रायल कोर्ट ने Rajpal Yadav को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। अभिनेता ने इस फैसले को चुनौती दी, लेकिन बाद की कानूनी प्रक्रिया में भी उन्हें राहत नहीं मिली। हाल ही में Delhi High Court ने भी निचली अदालत के फैसले को सही माना।
ब्याज और देनदारियों से बढ़ी रकम
बताया जा रहा है कि समय के साथ ब्याज, जुर्माना और अन्य वित्तीय दायित्व जुड़ने के कारण यह विवाद करीब 9 करोड़ तक पहुंच गया। अदालत की कार्यवाही के दौरान Rajpal Yadav की ओर से कई बार किस्तों में भुगतान करने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन तय समय के भीतर पूरा भुगतान नहीं हो सका।
अब आगे क्या?
दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता को उच्च अदालत में अपील करने के लिए दो महीने का समय दिया है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि Rajpal Yadav इस फैसले को चुनौती देते हैं या अदालत के आदेश का पालन करते हैं।
यह मामला सिर्फ एक अभिनेता के कानूनी संघर्ष की कहानी नहीं है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वित्तीय समझौतों और कानूनी दायित्वों को समय पर पूरा करना कितना महत्वपूर्ण होता है।
