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₹10 का दांव, अब ₹5,800 करोड़ की कहानी! Jio IPO ने HFCL प्रमोटर महेंद्र नाहटा को बना दिया मल्टीबैगर निवेश का पोस्टर बॉय

Jio Platforms के IPO दस्तावेज़ों ने खोला बड़ा राज—जिस शेयर के लिए दुनिया के दिग्गज निवेशकों ने सैकड़ों रुपये चुकाए, वही हिस्सेदारी महेंद्र नाहटा परिवार को मिली थी सिर्फ ₹10 प्रति शेयर में।

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Jio IPO: ₹10 के शेयर ने बनाया ₹5,800 करोड़ का साम्राज्य, महेंद्र नाहटा की निवेश कहानी चर्चा में

शेयर बाजार में अक्सर कहा जाता है कि सही समय पर लगाया गया छोटा निवेश भी भविष्य में दौलत का पहाड़ खड़ा कर सकता है। लेकिन Jio Platforms से जुड़ी एक कहानी इस कहावत को हकीकत में बदलती दिखाई दे रही है।

Jio Platforms के बहुप्रतीक्षित IPO की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही एक ऐसा निवेश चर्चा में आ गया है, जिसने लगभग 12,000 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। यह निवेश किसी विदेशी फंड या ग्लोबल टेक कंपनी का नहीं, बल्कि HFCL के संस्थापक और प्रबंध निदेशक महेंद्र नाहटा के परिवार का है।

₹47 करोड़ का निवेश, आज करीब ₹5,800 करोड़ की वैल्यू

2020 में नाहटा परिवार ने Jio Platforms में लगभग ₹47.87 करोड़ का निवेश किया था। उस समय उन्हें कंपनी के शेयर सिर्फ ₹10 प्रति शेयर के भाव पर मिले थे।

अब जब Jio Platforms का IPO बाजार में आने की तैयारी कर रहा है और कई ब्रोकरेज हाउस कंपनी का मूल्यांकन करीब ₹10.7 लाख करोड़ तक मान रहे हैं, तब यही हिस्सेदारी करीब ₹5,800 करोड़ की बताई जा रही है।

मतलब, छह साल से भी कम समय में निवेश की कीमत लगभग 121 गुना बढ़ गई।

आखिर कैसे शुरू हुई यह कहानी?

इस सफलता की जड़ें 2020 में नहीं, बल्कि एक दशक पहले की एक बड़ी टेलीकॉम डील में छिपी हैं।

और पढ़ें- “Sensex 1100 अंक उछला, Nifty 24,000 के करीब… आखिर शेयर बाजार में अचानक क्यों लौटी रौनक?”

साल 2010 में महेंद्र नाहटा की कंपनी Infotel Broadband Services ने पूरे भारत के लिए ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम हासिल किया था। इसके कुछ ही समय बाद Reliance Industries ने कंपनी में 95 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली, जबकि नाहटा ने 5 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने पास रखी।

यही छोटी हिस्सेदारी आगे चलकर Jio के विकास की नींव बनी और समय के साथ एक बेहद मूल्यवान निवेश में बदल गई।

दिलचस्प बात: Meta और Google ने चुकाए थे कहीं ज्यादा पैसे

Jio Platforms में निवेश के दौरान एक दिलचस्प तथ्य सामने आता है।

जिस दिन नाहटा परिवार को ₹10 प्रति शेयर के भाव पर हिस्सेदारी मिली, उसी दिन Meta, Google, KKR, Mubadala, ADIA और अन्य वैश्विक निवेशकों ने कंपनी में निवेश किया था।

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इनमें से अधिकांश निवेशकों ने प्रति शेयर ₹549.31 तक का मूल्य चुकाया, जबकि Meta और Google को भी करीब ₹488 प्रति शेयर के आसपास कीमत देनी पड़ी थी।

यानी नाहटा परिवार की एंट्री कीमत दुनिया के बड़े निवेशकों की तुलना में बेहद कम थी।

Jio IPO क्यों है खास?

Jio Platforms का प्रस्तावित IPO भारत के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक माना जा रहा है।

कंपनी 270 मिलियन नए शेयर जारी कर पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही है। प्राप्त राशि का बड़ा हिस्सा Reliance Jio Infocomm के कर्ज को कम करने और भविष्य की कारोबारी जरूरतों में इस्तेमाल किया जाएगा।

फिलहाल कंपनी में सबसे बड़ी हिस्सेदारी Reliance Industries के पास है, जबकि बाहरी निवेशकों में Meta और Google प्रमुख शेयरधारकों में शामिल हैं।

निवेशकों के लिए क्या है सीख?

महेंद्र नाहटा की कहानी सिर्फ एक बड़ी कमाई की कहानी नहीं है। यह इस बात का उदाहरण भी है कि दूरदृष्टि, सही साझेदारी और धैर्य निवेश की दुनिया में कितना बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं।

आज जब Jio IPO को लेकर बाजार में उत्साह चरम पर है, तब नाहटा परिवार का यह निवेश भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे सफल दांवों में गिना जा रहा है।

और शायद यही वजह है कि निवेश जगत में एक सवाल बार-बार पूछा जा रहा है—क्या भारत का अगला बड़ा मल्टीबैगर कहीं आज भी हमारी नजरों के सामने ही छिपा हुआ है?