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Crime

फर्जी पुलिस कॉल और ‘PFI लिंक’ का डर दिखाकर ठगों ने बेंगलुरु के बिजनेसमैन से उड़ाए ₹1.32 करोड़

ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर 56 वर्षीय कारोबारी पर ‘आतंकी फंडिंग’ के झूठे आरोप लगाए और नकली वीडियो भेजकर उन्हें डराया — कारोबारी ने आठ दिनों में छह बार में ₹1.32 करोड़ ट्रांसफर कर दिए।

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फर्जी पुलिस कॉल और झूठे ‘PFI लिंक’ से ठगों ने बेंगलुरु के व्यापारी से उड़ाए ₹1.32 करोड़
फर्जी पुलिस कॉल और झूठे ‘PFI लिंक’ से ठगों ने बेंगलुरु के व्यापारी से उड़ाए ₹1.32 करोड़

बेंगलुरु में एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड मामला सामने आया है, जिसमें 56 वर्षीय बिजनेसमैन को ठगों ने ‘फर्जी पुलिस कॉल’ और ‘PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़ाव’ का डर दिखाकर ₹1.32 करोड़ का चूना लगा दिया।

यह घटना बनासवाड़ी इलाके के एक व्यापारी के साथ हुई, जिन्हें ठगों ने ‘मुंबई पुलिस के अधिकारी’ बनकर फोन किया और उन पर आतंकी गतिविधियों को फंड करने का झूठा आरोप लगाया।

‘PFI कनेक्शन’ का डर दिखाया

8 अक्टूबर की सुबह व्यापारी को ‘एंफोर्स डिपार्टमेंट, मुंबई पुलिस’ के नाम से कॉल आया। कॉलर ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि व्यापारी का नाम मनी लॉन्ड्रिंग और PFI से जुड़े लेनदेन में आया है।
ठग ने दावा किया कि पुलिस ने एक व्यक्ति ‘ओ.एम. अब्दुल सलाम’ के पास छापा मारा, जहां कैनरा बैंक का डेबिट कार्ड व्यापारी के नाम से मिला, जो कथित रूप से आतंकवादी फंडिंग में इस्तेमाल हुआ था।

फर्जी पुलिस कॉल और झूठे ‘PFI लिंक’ से ठगों ने बेंगलुरु के व्यापारी से उड़ाए ₹1.32 करोड़


कॉलर ने धमकाया कि अगर व्यापारी सहयोग नहीं करेंगे तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनकी संपत्ति सील कर दी जाएगी।

डराने के लिए भेजा गया ‘फर्जी वीडियो’

ठगों ने व्हाट्सऐप पर एक वीडियो भेजा जिसमें पुलिस लोगों को पीटती और गिरफ्तार करती दिख रही थी। इस वीडियो ने व्यापारी को अंदर तक डरा दिया।
उन्हें कहा गया कि यह ‘राष्ट्रीय गोपनीय मामला’ (national secret) है और वे किसी को कुछ न बताएं — यहां तक कि अपनी पत्नी को भी नहीं।

8 दिन में छह ट्रांजैक्शन, ₹1.32 करोड़ गायब

डर के माहौल में व्यापारी ने 8 से 16 अक्टूबर के बीच अपनी अलग-अलग बैंक खातों से कुल छह बार ट्रांसफर किए, जिनमें से एक बार में ₹52 लाख भेजे गए। कुल मिलाकर ₹1.32 करोड़ की रकम अलग-अलग खातों में जमा कराई गई।
ठगों ने वादा किया कि “जांच पूरी होने के बाद पैसे लौटा दिए जाएंगे।”

लेकिन 16 अक्टूबर के बाद कॉल्स बंद हो गए और व्यापारी को समझ आया कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।

फर्जी पुलिस कॉल और झूठे ‘PFI लिंक’ से ठगों ने बेंगलुरु के व्यापारी से उड़ाए ₹1.32 करोड़


FIR दर्ज, जांच जारी

25 अक्टूबर को व्यापारी ने बेंगलुरु पुलिस में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने मामला साइबर क्राइम और पहचान की चोरी की धाराओं में दर्ज किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का काम लगता है, जो लोगों को आतंकवाद या मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामलों में फंसाने का डर दिखाकर पैसे वसूलता है।

पुलिस की चेतावनी

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की कॉल या वीडियो पर भरोसा न करें, चाहे वे खुद को पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी ही क्यों न बताएं।
किसी भी तरह की जांच या नोटिस के लिए पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर सत्यापन करें।

एक सीख

यह मामला न केवल बेंगलुरु बल्कि देशभर के व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए चेतावनी है। ठग अब ‘भय और देशभक्ति’ का हथियार बनाकर लोगों को फंसा रहे हैं।
अगर कोई कॉल “राष्ट्रीय गोपनीयता”, “आतंकी लिंक” या “पुलिस जांच” का हवाला देकर पैसे मांगता है — तो समझ लीजिए सामने वाला ठग है, न कि कानून का रखवाला।

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