Crime
‘सिर्फ Shooters नहीं… पूरी Chain तक पहुंचेंगे’, Ankit Balyan Murder पर UP DGP का बड़ा खुलासा, हत्या से पहले ऐसे रची गई थी साजिश
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या को उत्तर प्रदेश पुलिस ने ‘Pre-Planned Conspiracy’ बताया है। DGP राजीव कृष्ण के मुताबिक, हमलावरों ने पहले उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई, बाहर से हथियार मंगाए और वारदात के बाद बच निकलने की पूरी तैयारी की थी।
हरियाणवी सिंगर Ankit Balyan की हत्या के मामले में UP Police ने जांच को लेकर अहम जानकारी साझा की है। यूपी के DGP Rajeev Krishna ने सोमवार को कहा कि 26 अगस्त को शामली में हुई यह हत्या अचानक किया गया हमला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी।
लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान DGP ने बताया कि जांच में सामने आया है कि हत्या से पहले अंकित बालियान की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई थी। कथित तौर पर शूटर्स के लिए बाहर से हथियारों की व्यवस्था की गई और चार हमलावरों ने योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया।
हत्या से पहले ट्रैक की गईं अंकित की गतिविधियां
DGP राजीव कृष्ण के मुताबिक, जांच में संकेत मिले हैं कि हमले से पहले अंकित की आवाजाही और गतिविधियों पर नजर रखी गई थी। वारदात के बाद आरोपियों के भागने की भी पहले से योजना तैयार थी।
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद शूटर्स लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे। मामले की जांच के लिए गठित टीमों ने उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और गुजरात समेत कई जगहों पर छापेमारी की।
Gogi Gang से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की जांच
पुलिस जांच में जितेंद्र मान उर्फ गोगी से जुड़े एक नेटवर्क की भूमिका भी सामने आई है। गोगी की 2021 में दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में हुई गोलीबारी के दौरान मौत हो गई थी।
DGP के अनुसार, अंकित बालियान ने पहले एक YouTube गाने में अभिनय किया था, जिसे कथित तौर पर गोगी की हत्या से जोड़कर देखा गया। पुलिस का कहना है कि इस वीडियो को लेकर अंकित को पहले धमकियां भी मिली थीं।
अंकित ने कथित तौर पर उस समय सफाई दी थी कि उन्होंने वीडियो में केवल अभिनय किया था और गाने के बोल या धुन से उनका कोई संबंध नहीं था। इसके बावजूद जांच के दौरान ऐसी जानकारी सामने आई है कि एक गैंग उन्हें गोगी गैंग से जोड़कर देख रहा था।
Instagram पर ली गई थी हत्या की जिम्मेदारी
हत्या के बाद राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया के नाम से कथित रूप से संचालित एक Instagram अकाउंट से 26 और 27 अगस्त को हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। हालांकि, DGP ने स्पष्ट किया कि इस सोशल मीडिया पोस्ट और जिम्मेदारी लेने के दावे की भी जांच जारी है।
यानी पुलिस अभी इस दावे को अंतिम रूप से प्रमाणित मानकर नहीं चल रही है और इसके पीछे मौजूद लोगों तथा नेटवर्क की जांच की जा रही है।
दो आरोपी Encounter में मारे गए
DGP ने बताया कि पुलिस ने 29 अगस्त को कुछ आरोपियों की पहचान कर ली थी। इसके बाद सोमवार तड़के शामली में हुई पुलिस मुठभेड़ में मोहित और सुमित नाम के दो आरोपी मारे गए।
और भी पढ़ें : Delhi Crime सीज़न 3 पर बोले निर्माता – “अच्छी चीज़ों को बनने में वक्त लगता है”
पुलिस के मुताबिक, मोहित के खिलाफ कम से कम 14 आपराधिक मामले दर्ज थे, जबकि सुमित के खिलाफ एक मामला था। इस ऑपरेशन में शामिल शामली पुलिस और Special Task Force (STF) के जवानों के लिए DGP ने ₹2 लाख के इनाम की घोषणा भी की।
‘कार्रवाई सिर्फ Shooters तक नहीं रुकेगी’
DGP राजीव कृष्ण ने साफ किया कि पुलिस की जांच केवल गोली चलाने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस अब उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिन्होंने कथित तौर पर पूरी साजिश रची, हथियार और दूसरे संसाधन उपलब्ध कराए, अंकित की गतिविधियों की निगरानी करवाई और वारदात के बाद आरोपियों को छिपने या भागने में मदद की।

उन्होंने कहा कि इस अपराध में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका तय की जाएगी और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
DGP ने उत्तर प्रदेश से बाहर बैठकर अपराध की साजिश रचने वालों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि वे इस भ्रम में न रहें कि दूरी उन्हें कानून की पहुंच से बाहर रख सकती है।
Gym से निकलते ही अंकित पर हुआ था हमला
26 अगस्त को शामली में जिम से निकलने के बाद अंकित बालियान अपनी कार की तरफ जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, तभी दो मोटरसाइकिलों पर आए चार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं।
गोलीबारी में अंकित को पांच गोलियां लगी थीं, जिनमें दो सिर पर लगी थीं। उनकी मौत के बाद मामले ने तेजी से तूल पकड़ा और पुलिस ने कई टीमों को जांच में लगाया।
अंकित के पिता सतबीर सिंह, पत्नी सीमा और बहन रीना ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि हत्या की साजिश में शामिल बाकी लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
फिलहाल दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, लेकिन जांच अभी खत्म नहीं हुई है। पुलिस का फोकस अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसने कथित तौर पर अंकित की रेकी से लेकर हथियार उपलब्ध कराने और हमलावरों को मदद पहुंचाने तक अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं।
