Crime
कैमरे पर रोती रही, पति की मौत का ग़म दिखाती रही पर असली क़ातिल वही थी
Priyanka Purohit ने पति Devkrishna की हत्या के बाद इतना बेहतरीन नाटक किया कि पुलिस भी धोखा खा गई — लेकिन सच ज़्यादा देर छुपा नहीं रहा
कहते हैं कि झूठ के पाँव नहीं होते — और यह कहावत Priyanka Purohit के मामले में एकदम सच साबित हुई। पति की लाश अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि Priyanka कैमरे के सामने आ गई — आँखें लाल, आवाज़ काँपती हुई, और चेहरे पर गहरे दुख के भाव। उसने बताया कि कैसे हथियारबंद लुटेरे घर में घुसे, उसे बाँध दिया और दोनों की जान लेने की धमकी दी। सुनने वाले दंग रह गए। पड़ोसी सहानुभूति जताने लगे। पुलिस ने मामला दर्ज किया।
लेकिन यह सब एक सोचा-समझा नाटक था।
वो रात जो बदल गई सब कुछ
जिस रात Purohit Devkrishna की हत्या हुई, उस रात घर में कोई बाहरी नहीं आया था। कोई लुटेरा नहीं था, कोई डकैती नहीं हुई। Priyanka ने खुद अपने पति की जान ली — और फिर इतनी चालाकी से scene set किया कि पहली नज़र में सब कुछ असली लगे।
कैमरे पर दिया गया उसका बयान इतना convincing था कि देखने वाले को ज़रा भी शक नहीं होता। आँसू, घबराहट, टूटी-टूटी आवाज़ — सब कुछ एकदम “perfect grieving wife” जैसा। लेकिन जाँच एजेंसियाँ सिर्फ आँसू नहीं, सबूत देखती हैं।
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जब पुलिस को हुआ शक
जैसे-जैसे forensic जाँच आगे बढ़ी, कहानी में छेद नज़र आने लगे। घर में जबरन घुसने के कोई निशान नहीं थे। रस्सी से बाँधने के जो निशान Priyanka ने दिखाए, वो भी संदिग्ध लगे। गवाहों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते थे। और सबसे अहम — Devkrishna की मौत की परिस्थितियाँ डकैती की नहीं, बल्कि किसी जानकार के हाथों की हत्या की तरफ इशारा कर रही थीं।

धीरे-धीरे पुलिस का शिकंजा Priyanka पर कसता गया। पूछताछ में वो अपनी ही बनाई कहानी में उलझती चली गई। और आखिरकार सच सामने आ गया।
ऐसे मामले जो याद दिलाते हैं — अपराध छुपता नहीं
यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी ने हत्या के बाद “पीड़ित” का रोल निभाने की कोशिश की हो। 2014 में Sheena Bora हत्याकांड में Indrani Mukerjea ने सालों तक अपनी बेटी की मौत को छुपाए रखा और सामान्य ज़िंदगी जीती रही। 2017 में Noida के एक मामले में एक महिला ने पति की हत्या के बाद “accident” की कहानी गढ़ी — लेकिन CCTV footage ने सब उजागर कर दिया।
Priyanka का मामला भी उसी कड़ी में जुड़ गया — जहाँ अपराधी ने समझा कि एक अच्छा performance सच की जगह ले सकता है। नहीं ले सकता।
इंसानी रिश्तों में दरार — असली सवाल
इस पूरी घटना में सबसे ज़्यादा दिल को झकझोरने वाली बात यह नहीं है कि हत्या हुई — बल्कि यह है कि हत्यारा वही था जिसे सबसे ज़्यादा भरोसा किया जाता है। जीवनसाथी। घर की दहलीज के भीतर का इंसान।
ऐसे मामले हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि हम जिन्हें रोज़ देखते हैं, जिनके साथ खाते-पीते हैं — क्या हम उन्हें सच में जानते हैं? और क्या रिश्तों में इतनी गहरी कड़वाहट आ सकती है कि इंसान इस हद तक चला जाए?
पुलिस अभी पूरे मामले की जाँच कर रही है। Priyanka के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हो चुका है।
