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तेल संकट के बीच BMW की EV कारों का जलवा: हर चौथी कार अब इलेक्ट्रिक
वेस्ट एशिया संकट से बढ़ी पेट्रोल-डीजल की चिंता, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेज उछाल
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता के बीच भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसका सीधा फायदा जर्मन लक्जरी कार निर्माता BMW को मिला है।
कंपनी के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में भारत में बिकने वाली हर चार BMW कारों में से एक इलेक्ट्रिक थी। यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि भारतीय ग्राहक अब पेट्रोल-डीजल से हटकर इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
तेल संकट का असर
West Asia में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस स्थिति ने ग्राहकों के मन में भविष्य को लेकर चिंता पैदा कर दी है।
Hardeep Singh Brar, जो BMW इंडिया के अध्यक्ष और CEO हैं, ने कहा कि मार्च महीने में तेल संकट और कीमतों में संभावित वृद्धि की खबरों के बाद लोगों का रुझान EV की ओर बढ़ा है।
उनके अनुसार,
“लोग अब महसूस कर रहे हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य का सही विकल्प हैं। हमारी मजबूत सप्लाई और इस सेगमेंट में मौजूदगी ने हमें फायदा पहुंचाया है।”

क्यों बढ़ रही है EV की लोकप्रियता?
भारत में EV की बढ़ती मांग के पीछे कई कारण हैं—
- पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें
- पर्यावरण को लेकर जागरूकता
- सरकार की EV को बढ़ावा देने वाली नीतियां
- बेहतर टेक्नोलॉजी और रेंज
BMW ने भी अपने इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो को मजबूत किया है, जिससे ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिल रहे हैं।
भविष्य की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तेल की कीमतों में अनिश्चितता बनी रहती है, तो आने वाले समय में EV की मांग और तेज हो सकती है।
BMW जैसी कंपनियां इस बदलाव का फायदा उठाने के लिए पहले से ही तैयार हैं और भारत को एक बड़े EV बाजार के रूप में देख रही हैं।
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