Politics
Delimitation पर Congress का बड़ा हमला, Kharge बोले—“Grave consequences हो सकते हैं”
Women’s Reservation Act amendments के साथ proposed delimitation पर विपक्ष ने जताई चिंता, Rahul Gandhi बोले—North-South divide बढ़ेगा
Congress Party ने प्रस्तावित delimitation exercise को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने चेतावनी दी है कि इस कदम के “grave consequences” हो सकते हैं और इसे लेकर व्यापक चर्चा जरूरी है।
यह मुद्दा Congress Working Committee (CWC) की बैठक में प्रमुखता से उठाया गया, जहां कई वरिष्ठ नेताओं ने इस प्रस्ताव पर गहरी चिंता जताई।
Kharge का बड़ा बयान
बैठक को संबोधित करते हुए Kharge ने कहा कि delimitation प्रक्रिया को जल्दबाजी में लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसे राजनीतिक लाभ के लिए आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर एक साझा रणनीति बनाएगा और “collective opposition strategy” के तहत आगे बढ़ेगा।
Rahul Gandhi ने जताई चिंता
Rahul Gandhi ने बैठक में कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा सीटों में 50% की बढ़ोतरी की जाती है, तो इससे देश में North-South divide और बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इससे दक्षिण भारत के राज्यों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है, जो पहले से ही जनसंख्या संतुलन के कारण चिंतित हैं।
South India की चिंता
Telangana के मुख्यमंत्री Revanth Reddy ने आंकड़ों के साथ बताया कि proposed delimitation से South Indian states को नुकसान हो सकता है।
कई नेताओं का मानना है कि यह बदलाव राज्यों के बीच representation gap को और बढ़ा सकता है।
Women’s Reservation Bill पर भी चर्चा
इस पूरे मुद्दे का एक और अहम पहलू Women’s Reservation Act से जुड़ा है। केंद्र सरकार संसद के आगामी सत्र में इस कानून में संशोधन लाने और delimitation commission बनाने की तैयारी में है।
Congress के भीतर इस बात को लेकर मतभेद भी दिखाई दिए कि महिला आरक्षण का समर्थन किया जाए या delimitation पर विरोध जारी रखा जाए।

सूत्रों के अनुसार:
- Sonia Gandhi ने महिला आरक्षण संशोधन का समर्थन करने की बात कही
- Sachin Pilot और Mukul Wasnik ने भी इसी रुख का समर्थन किया
Congress की दुविधा
Congress इस समय एक राजनीतिक असमंजस में दिख रही है, क्योंकि महिला आरक्षण कानून को लागू करना उसकी पुरानी मांगों में शामिल रहा है, जबकि delimitation पर पार्टी कड़ा विरोध जता रही है।
सरकार का जवाब
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए Union Minister Dharmendra Pradhan ने कहा कि महिला आरक्षण राजनीतिक श्रेय का विषय नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की गरिमा और प्रतिनिधित्व से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं को केवल वादे नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम चाहिए।
आगे क्या?
सरकार 16 April से संसद के अगले सत्र में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव लाने की तैयारी में है:
- Women’s Reservation Act amendment
- Delimitation Commission का गठन
वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर संयुक्त रणनीति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
