Connect with us

Politics

DK Shivakumar की नई टीम में जातीय संतुलन का पूरा गणित, लेकिन एक कमी पर उठने लगे सवाल

Vokkaliga, Lingayat, SC, Minority और OBC समुदायों को मिला प्रतिनिधित्व, पहली कैबिनेट में महिला चेहरों की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय

Published

on

DK Shivakumar की नई टीम में जातीय संतुलन का बड़ा दांव, लेकिन इस कमी को लेकर उठने लगे सवाल
Karnataka के नए मुख्यमंत्री DK Shivakumar शपथ ग्रहण के बाद अपनी पहली कैबिनेट के साथ, महिला प्रतिनिधित्व को लेकर उठे सवाल।

Bengaluru: Karnataka में DK Shivakumar के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक विश्लेषण शुरू हो गया है। कांग्रेस ने अपनी पहली कैबिनेट में राज्य के प्रमुख सामाजिक समूहों और पार्टी के विभिन्न शक्ति केंद्रों के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। हालांकि इस पूरी कवायद के बीच एक सवाल लगातार उठ रहा है—नई टीम में एक भी महिला मंत्री क्यों नहीं है?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल की शुरुआती रूपरेखा तैयार की है। इससे पार्टी अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व देने का संदेश देना चाहती है।

Vokkaliga और Lingayat समुदाय पर खास ध्यान

मुख्यमंत्री DK Shivakumar और Krishna Byre Gowda के जरिए प्रभावशाली Vokkaliga समुदाय को मजबूत प्रतिनिधित्व मिला है। Old Mysuru क्षेत्र की राजनीति में इस समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

वहीं MB Patil, Eshwar Khandre और Sharan Prakash Patil को शामिल कर कांग्रेस ने Lingayat समुदाय को भी मजबूत संदेश देने की कोशिश की है। यह समुदाय लंबे समय से Karnataka की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता रहा है और परंपरागत रूप से BJP का मजबूत वोट बैंक माना जाता है।

SC और OBC वर्ग को भी मिला स्थान

Dr G Parameshwara, KH Muniyappa और Priyank Kharge के जरिए अनुसूचित जाति (SC) समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया गया है। राज्य की राजनीति में SC वोट बैंक का बड़ा महत्व है और कांग्रेस इसे अपने पक्ष में बनाए रखना चाहती है।

पूर्व मुख्यमंत्री Siddaramaiah के करीबी माने जाने वाले नेताओं Yathindra Siddaramaiah और Byrathi Suresh की मौजूदगी से Kuruba समुदाय को भी सरकार में जगह मिली है। इससे Siddaramaiah समर्थक खेमे को भी संतुष्ट रखने की कोशिश दिखाई देती है।

Minority और क्षेत्रीय संतुलन का भी ध्यान

नई टीम में UT Khader को शामिल कर मुस्लिम समुदाय और KJ George के जरिए ईसाई समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

इसके अलावा Ramalinga Reddy और Satish Jarkiholi जैसे नेताओं की मौजूदगी क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को मजबूत करती है। खासकर Belagavi क्षेत्र में Satish Jarkiholi का प्रभाव कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जाता है।

और भी पढ़ें : Kolkata Mayor पद छोड़ेंगे Firhad Hakim? TMC में हलचल के बीच बड़ा दावा

अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का मिश्रण

नई सरकार में कई ऐसे चेहरे शामिल हैं जिनके पास शासन और प्रशासन का लंबा अनुभव है। MB Patil, Ramalinga Reddy, KJ George, KH Muniyappa, Parameshwara और Priyank Kharge पहले भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

कांग्रेस का मानना है कि अनुभवी नेताओं की मौजूदगी सरकार को नीतिगत फैसले लेने और प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी।

महिला प्रतिनिधित्व पर घिरी कांग्रेस

DK Shivakumar की नई टीम में जातीय संतुलन का बड़ा दांव, लेकिन इस कमी को लेकर उठने लगे सवाल


जहां जातीय और राजनीतिक संतुलन की चर्चा हो रही है, वहीं महिला प्रतिनिधित्व की कमी ने कांग्रेस को आलोचनाओं के घेरे में ला दिया है।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता Margaret Alva ने भी इस मुद्दे पर निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह नई कैबिनेट में कम से कम एक महिला मंत्री को देखना चाहती थीं।

दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के पास विधानसभा और विधान परिषद दोनों में कई महिला जनप्रतिनिधि मौजूद हैं। इसके बावजूद पहली कैबिनेट में किसी महिला को जगह नहीं मिल सकी।

आगे बदल सकती है तस्वीर

फिलहाल DK Shivakumar के पास मंत्रिमंडल विस्तार की पर्याप्त गुंजाइश है। नियमों के अनुसार Karnataka में अधिकतम 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं और अभी कई पद खाली हैं।

ऐसे में राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगले विस्तार में कांग्रेस महिला नेताओं को मौका देकर इस आलोचना को कम करने की कोशिश कर सकती है। हालांकि पार्टी इस दिशा में क्या कदम उठाएगी, इस पर अभी कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है।

नई सरकार ने सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश जरूर की है, लेकिन महिला प्रतिनिधित्व का मुद्दा आने वाले दिनों में कांग्रेस के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन सकता है।

Continue Reading
1 Comment

1 Comment

  1. Pingback: Karnataka में बड़ा सियासी झटका: मंत्री पद से इस्तीफा, “conscience के खिलाफ काम नहीं कर सकता” - Dainik Diary - Authentic Hindi News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *