Politics
TMC में बढ़ी अंदरूनी हलचल! 20 सांसद BJP के संपर्क में होने की चर्चा, Mamata Banerjee की मुश्किलें बढ़ीं?
West Bengal में विधानसभा चुनाव हारने के बाद Trinamool Congress में जारी असंतोष अब संसद तक पहुंचने की अटकलें, पार्टी के भीतर मची राजनीतिक हलचल
New Delhi/Kolkata: West Bengal की राजनीति में उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। विधानसभा चुनाव में झटके के बाद अब Trinamool Congress (TMC) को एक और बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के कई सांसदों के BJP नेतृत्व के संपर्क में होने की चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि कुछ सांसद पार्टी छोड़ने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। हालांकि इस संबंध में न तो TMC और न ही BJP की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस खबर ने हलचल जरूर बढ़ा दी है।
संसद में TMC की ताकत पर पड़ सकता है असर
वर्तमान में Trinamool Congress संसद के दोनों सदनों को मिलाकर 41 सांसदों के साथ विपक्ष की प्रमुख पार्टियों में शामिल है। Lok Sabha और Rajya Sabha में पार्टी की मजबूत मौजूदगी उसे राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका देती है।
अगर बड़ी संख्या में सांसद पार्टी से अलग होते हैं, तो इसका असर केवल TMC पर ही नहीं बल्कि पूरे विपक्षी गठबंधन की ताकत पर भी पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी स्थिति Mamata Banerjee की राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावशाली भूमिका को कमजोर कर सकती है।
पहले से जारी है संगठनात्मक संकट
TMC पहले ही West Bengal में अंदरूनी चुनौतियों का सामना कर रही है। विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आती रही हैं।
कुछ नेताओं ने पार्टी की कार्यशैली, भ्रष्टाचार के आरोपों और विभिन्न विवादों को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई है। इसी बीच पार्टी के भीतर अलग गुटों के सक्रिय होने की चर्चाएं भी राजनीतिक माहौल को गर्म कर रही हैं।
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Mamata Banerjee के सामने दोहरी चुनौती
राजनीतिक जानकारों के अनुसार Mamata Banerjee इस समय दो मोर्चों पर संघर्ष कर रही हैं। एक तरफ उन्हें संगठन को एकजुट रखना है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी राजनीति में अपनी स्थिति भी मजबूत बनाए रखनी है।
यदि सांसदों के स्तर पर किसी तरह की टूट-फूट होती है, तो यह पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। खासकर तब, जब राज्य स्तर पर भी संगठनात्मक चुनौतियां सामने हों।
BJP को मिल सकता है राजनीतिक फायदा

West Bengal में पिछले कुछ वर्षों में BJP ने अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। ऐसे में यदि TMC के नेताओं या सांसदों का समर्थन BJP की ओर जाता है, तो यह राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाएगा।
हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि फिलहाल इन चर्चाओं को केवल अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि किसी भी संभावित राजनीतिक बदलाव की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आने वाले दिनों पर टिकी निगाहें
West Bengal की राजनीति हमेशा से देश की सबसे दिलचस्प राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल रही है। मौजूदा हालात में सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि Trinamool Congress अपने भीतर के असंतोष को कैसे संभालती है और क्या पार्टी नेतृत्व संभावित राजनीतिक संकट को टालने में सफल होता है।
फिलहाल इतना तय है कि आने वाले दिनों में West Bengal की राजनीति में कई नए घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

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