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Beijing दौरे पर ट्रंप के साथ पहुंचे Elon Musk, चीन-अमेरिका व्यापार समझौते पर टिकी दुनिया की नजर

करीब एक दशक बाद किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति का चीन दौरा, Air Force One में एलन मस्क समेत बड़े कारोबारी नेता भी रहे मौजूद।

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एलन मस्क ट्रंप के साथ पहुंचे चीन, शी जिनपिंग समिट पर दुनिया की नजर
Air Force One में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बीजिंग रवाना होते एलन मस्क।

अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापारिक तनाव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक और कारोबारी घटनाक्रम सामने आया है। दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क ने पुष्टि की है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बीजिंग पहुंचे हैं। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “On my way to Beijing in Air Force One।”

यह दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि लगभग दस साल बाद कोई मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति आधिकारिक रूप से चीन पहुंचा है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करना और नई आर्थिक संभावनाओं पर चर्चा करना बताया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप के साथ अमेरिकी बिजनेस जगत के कई बड़े चेहरे भी इस दौरे में शामिल हैं। इनमें टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर से जुड़े उद्योगपति शामिल बताए जा रहे हैं। खासतौर पर Nvidia जैसी कंपनियों के लिए यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि चीन में AI चिप्स की बिक्री को लेकर कई तरह की पाबंदियां और मंजूरी संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं।

बीजिंग समिट से पहले अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दक्षिण कोरिया में चीनी अधिकारियों से मुलाकात भी की थी। इस बातचीत का मकसद पिछले साल हुए नाजुक व्यापार समझौते को स्थिर बनाए रखना था।

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वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से आग्रह करेंगे कि चीन अमेरिकी कंपनियों और निवेशकों के लिए अपने बाजार को और ज्यादा खोले। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिकी कारोबारी दुनिया के “बेहतरीन दिमाग” चीन में नई संभावनाएं पैदा कर सकते हैं।

एलन मस्क ट्रंप के साथ पहुंचे चीन, शी जिनपिंग समिट पर दुनिया की नजर


विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह दौरा सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक राजनीति, टेक्नोलॉजी वर्चस्व और आर्थिक दबाव जैसी कई बड़ी रणनीतियां भी जुड़ी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस बैठक से जुड़े फैसलों पर पूरी दुनिया की नजर रहने वाली है।

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