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अमेरिका में महंगाई का बड़ा झटका तीन साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची Inflation
ईरान युद्ध और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के बीच अमेरिकी लोगों की जेब पर बढ़ा दबाव, खाने से लेकर हवाई यात्रा तक सब हुआ महंगा।
अमेरिका में एक बार फिर महंगाई ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल महीने में देश की Inflation Rate बढ़कर 3.8 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले करीब तीन वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। बढ़ती कीमतों ने वहां के परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है और रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।
अमेरिकी सरकार की एजेंसी Bureau of Labor Statistics (BLS) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च के मुकाबले अप्रैल में उपभोक्ता कीमतों में 0.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं Core Inflation यानी खाद्य और ऊर्जा कीमतों को छोड़कर महंगाई भी बढ़कर 0.4 प्रतिशत हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और मध्य पूर्व की अस्थिर स्थिति का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। खासतौर पर ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ी लागत ने महंगाई को और तेज कर दिया है।
किन चीजों के दाम सबसे ज्यादा बढ़े?
अमेरिका में इस बार जिन क्षेत्रों में कीमतें तेजी से बढ़ीं, उनमें घरेलू सामान, एयरलाइन टिकट, कपड़े, पर्सनल केयर और शिक्षा शामिल हैं। यानी आम लोगों के रोजमर्रा के खर्च में सीधा असर देखने को मिल रहा है।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में थोड़ी राहत भी देखने को मिली। नई गाड़ियों, कम्युनिकेशन सेवाओं और मेडिकल केयर की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई, जिससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिली।
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BLS के मुताबिक, पिछले 12 महीनों में Energy Index में करीब 17.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं Food Index भी 3.2 प्रतिशत बढ़ा है। इसका मतलब साफ है कि खाने-पीने और ईंधन जैसी जरूरी चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं।
तनख्वाह बढ़ी लेकिन खर्च उससे ज्यादा
अमेरिका में कर्मचारियों की औसत सैलरी में पिछले साल के मुकाबले 3.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन महंगाई दर उससे ज्यादा यानी 3.8 प्रतिशत पहुंच गई। आसान शब्दों में कहें तो लोगों की कमाई बढ़ी जरूर है, लेकिन खर्च उससे भी तेज गति से बढ़ रहा है।

यही वजह है कि अमेरिका में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोग आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। किराया, बिजली बिल, ट्रैवल और खाने-पीने का खर्च लगातार बढ़ने से बचत करना मुश्किल होता जा रहा है।
दुनिया पर भी पड़ सकता है असर
अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, इसलिए वहां बढ़ती महंगाई का असर दूसरे देशों पर भी पड़ सकता है। अगर अमेरिका में ब्याज दरें और बढ़ाई जाती हैं तो इसका असर वैश्विक बाजारों, निवेश और तेल की कीमतों पर दिखाई दे सकता है।
भारत समेत कई देशों की नजर अब अमेरिकी Federal Reserve पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि अगर महंगाई ऐसे ही बढ़ती रही तो ब्याज दरों को लेकर फिर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
फिलहाल अमेरिका में बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है और आने वाले महीनों में हालात कैसे बदलते हैं, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
