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रसोई गैस संकट! West Asia युद्ध से LPG पर मंडराया खतरा, सरकार ने उठाया बड़ा कदम
Petroleum Ministry का आदेश — रिफाइनरियाँ बढ़ाएं LPG उत्पादन, घरों को मिलेगी प्राथमिकता; होटल-रेस्तरां को करना होगा इंतज़ार
नई दिल्ली: Middle East में जारी युद्ध की आग अब आम भारतीय की रसोई तक पहुँचने लगी है। Iran-US-Israel संघर्ष के चलते तेल और गैस की आपूर्ति पर जो संकट मंडरा रहा है, उसे देखते हुए केंद्र सरकार ने सोमवार को एक अहम फैसला लिया। Ministry of Petroleum and Natural Gas (MoPNG) ने देश की सभी तेल रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे LPG का उत्पादन तुरंत बढ़ाएं और इसे घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित रखें।
मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा — “मौजूदा भू-राजनीतिक संकट और LPG आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए, मंत्रालय ने सभी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने और उस अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू LPG उपयोग के लिए इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।”
क्यों पड़ी इसकी ज़रूरत?
India दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक देश है। देश की LPG ज़रूरत का करीब दो-तिहाई हिस्सा आयात से पूरा होता है, जिसमें से 85 से 90 फीसदी West Asia से आता है। ऐसे में जब इसी इलाके में युद्ध छिड़ा हो, तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा मंडराना स्वाभाविक है।
7 मार्च 2026 को देशभर में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी की गई। Delhi में एक 14.2 किलो के गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत अब ₹913 हो गई है — जो अगस्त 2023 के बाद सबसे ज़्यादा है।
होटल और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के commercial cylinder की कीमत में भी ₹115 की भारी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के तहत 10 करोड़ से ज़्यादा गरीब परिवारों को अभी भी ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती रहेगी।
25 दिन का नया नियम — होर्डिंग पर लगाम
सरकार ने सिर्फ उत्पादन ही नहीं बढ़ाया, बल्कि बाज़ार में होने वाली कालाबाज़ारी को रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाए हैं।
अब LPG सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि कुछ उपभोक्ता समय से काफी पहले सिलेंडर बुक कर लेते थे, जिससे कुछ इलाकों में कमी की आशंका बनती थी। इस बदलाव से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर घर को समय पर गैस मिले।
अस्पताल और स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आयातित LPG का गैर-घरेलू उपयोग भी पूरी तरह बंद नहीं होगा — लेकिन इसमें प्राथमिकता अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को दी जाएगी। होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों की गैस आपूर्ति की समीक्षा के लिए Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) और Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति गठित की गई है।
Essential Commodities Act का सहारा

सरकार ने यह आदेश Essential Commodities Act, 1955 के तहत अपनी आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए दिया है। इस कानून के तहत सरकार किसी भी आपातकाल में ज़रूरी वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित कर सकती है। रिफाइनरियों को साफ निर्देश दिया गया है कि propane और butane का इस्तेमाल सिर्फ LPG उत्पादन के लिए हो — इसे petrochemicals बनाने में नहीं लगाया जाए।
भविष्य की तैयारी — America से आएगी गैस
India ने 2026 में US Gulf Coast से 2.2 million tonnes LPG आयात का एक बड़ा समझौता किया है — जो देश के कुल सालाना LPG आयात का करीब 10 फीसदी है। इसका मकसद West Asia पर निर्भरता कम करना है। इसके अलावा Algeria, Australia, Canada और Norway जैसे देशों से भी अतिरिक्त आपूर्ति की बातचीत चल रही है।
आम आदमी पर असर
देश में इस वक्त 33 करोड़ से ज़्यादा सक्रिय LPG उपभोक्ता हैं जो खाना पकाने के लिए इस पर निर्भर हैं। सरकार का कहना है कि अभी देश में LPG का कोई संकट नहीं है, लेकिन युद्ध और लंबा खिंचा तो हालात बदल सकते हैं। यही वजह है कि सरकार अभी से सतर्क हो गई है।
फिलहाल तो सरकार की कोशिश यही है कि हर भारतीय के घर का चूल्हा जलता रहे — चाहे Middle East में कितनी भी आग क्यों न लगी हो।
