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एक महीने से गायब हैं ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei रूसी दूत ने बताया आखिर कहाँ हैं वो?
न कोई वीडियो, न कोई सार्वजनिक भाषण — ट्रम्प कह रहे हैं ‘शायद मर गए’, ईरान कह रहा है ‘ठीक हैं’, और रूस ने तोड़ी चुप्पी; जानिए पूरी कहानी
तेहरान/मॉस्को। कल्पना कीजिए — भारत के प्रधानमंत्री अचानक एक महीने के लिए गायब हो जाएं। न कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस, न कोई टीवी पर भाषण, न कोई सार्वजनिक कार्यक्रम। बस कुछ लिखित बयान आते रहें — जिनमें उनकी आवाज़ तक न हो। पूरा देश और दुनिया सवाल पूछती रहे कि “वो हैं कहाँ?” तो हालत क्या होगी?
कुछ ऐसी ही स्थिति इस वक्त ईरान में है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुए एक महीने से ज्यादा हो गया है, लेकिन ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई अभी तक एक बार भी सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं। उन्होंने कुछ बयान जरूर जारी किए हैं, लेकिन न कोई वीडियो संदेश, न कोई भाषण।
पहले जानिए — मोज्तबा खामेनेई कौन हैं?
मोज्तबा खामेनेई, पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे हैं। अली खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में मारे गए थे, जिसके बाद मोज्तबा ने यह पद संभाला। यानी वो एक ऐसे शख्स हैं जो युद्ध की आग के बीच अचानक दुनिया के सबसे ताकतवर धार्मिक-राजनीतिक कुर्सियों में से एक पर बैठ गए।
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रूस ने तोड़ी चुप्पी — ‘वो ईरान में ही हैं’
रूस के ईरान में राजदूत अलेक्सेई देदोव ने RTVI को दिए एक बयान में कहा — “जैसा कि ईरानी नेतृत्व बार-बार कह चुका है, नए नेता ईरान में हैं, लेकिन स्पष्ट कारणों से वो सार्वजनिक रूप से सामने आने से परहेज कर रहे हैं।”
यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि पिछले कई हफ्तों से अटकलें लगाई जा रही थीं कि मोज्तबा को इलाज के लिए चुपचाप रूस ले जाया गया है।
ट्रम्प का दावा — ‘शायद मर गए या बुरी तरह जख्मी’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था — “हम नहीं जानते वो जिंदा हैं या नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि “बहुत से लोग कह रहे हैं कि वो बुरी तरह विकृत हो गए हैं, एक पैर खो चुके हैं और गंभीर रूप से घायल हैं।”
लेकिन ईरान ने इन दावों को खारिज किया।
CIA और मोसाद की भी नज़र — खुफिया एजेंसियाँ ढूंढ रही हैं ठिकाना
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA और इजरायल की मोसाद भी मोज्तबा के असली ठिकाने का पता लगाने में जुटी हैं। यह इस बात की पुष्टि करता है कि दुनिया को उनकी सही स्थिति का अभी भी पता नहीं है।

रूस की भूमिका — दोस्त या दोहरा खेल?
रूस के ईरान के साथ गहरे संबंध हैं — दोनों देशों ने पिछले साल एक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन जर्मन विदेश मंत्री योहान वेडेफुल ने आरोप लगाया कि रूस ईरान को अमेरिका-इजरायल के संभावित हमले के लक्ष्यों की पहचान करने में मदद कर रहा है — और पुतिन इस युद्ध का उपयोग यूक्रेन से ध्यान हटाने के लिए कर रहे हैं।
यानी रूस का यह बयान — कि ‘मोज्तबा ईरान में हैं’ — महज एक कूटनीतिक बचाव भी हो सकता है।
मोज्तबा ने क्या-क्या किया अब तक?
सुप्रीम लीडर बनने के बाद मोज्तबा ने 16 मार्च को एक बयान जारी किया जिसमें कहा कि उनके पिता द्वारा नियुक्त सभी सरकारी अधिकारी अपने पदों पर बने रहेंगे। उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व प्रमुख जनरल मोहसेन रज़ाई को अपना सैन्य सलाहकार भी नियुक्त किया। सबसे हालिया बयान 29 मार्च को आया, जिसमें उन्होंने इराक के लोगों और धार्मिक नेतृत्व का ईरान के समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया।
लेकिन एक बात गौर करने वाली है — इनमें से कोई भी बयान वीडियो या ऑडियो में नहीं था। उनकी आवाज़ तक अभी तक किसी ने नहीं सुनी।
जैसे कोई नेता चिट्ठियाँ तो भेज रहा हो, लेकिन खुद कभी दरवाजे पर न आए — सवाल उठना स्वाभाविक है।
दुनिया की निगाहें इस रहस्यमयी सुप्रीम लीडर पर टिकी हैं। जब तक मोज्तबा खामेनेई खुद सामने नहीं आते, यह सवाल — “वो कहाँ हैं और कैसे हैं?” — बेजवाब ही रहेगा।
