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Iran-US युद्ध के 10 दिन: Israel ने मार गिराया Hezbollah का बड़ा कमांडर, Strait of Hormuz पर मंडरा रहा दुनिया का सबसे बड़ा तेल संकट
Putin ने Iran के नए Supreme Leader को दिया “अटूट समर्थन” का भरोसा; Bahrain की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर हमला, Saudi Arabia ने मार गिराए ईरानी drone
नई दिल्ली/तेहरान: Middle East में जारी जंग अपने दसवें दिन और भी खूनी और भयावह होती जा रही है। एक तरफ Iran के नए Supreme Leader Ayatollah Mojtaba Khamenei के नेतृत्व में Iran ने नई मिसाइलें दागीं, तो दूसरी तरफ Israel ने Lebanon में Hezbollah के एक बड़े कमांडर को ढेर करने का दावा किया। इस बीच Russia के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने Tehran को खुलेआम समर्थन देकर पूरी दुनिया को चौंका दिया।
Putin बोले — Russia है Iran के साथ
सोमवार को Putin ने Iran के नए Supreme Leader Mojtaba Khamenei को एक संदेश भेजा जिसमें उन्होंने साफ कहा — “मैं Tehran के प्रति हमारे अटूट समर्थन की पुष्टि करता हूँ। Russia Iran का एक विश्वसनीय भागीदार था, है और रहेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि इस कठिन समय में Khamenei के लिए बड़े साहस और समर्पण की ज़रूरत होगी। यह बयान पश्चिमी देशों के लिए एक सीधी चुनौती की तरह है — क्योंकि इससे यह साफ हो गया है कि यह युद्ध अब सिर्फ Middle East तक सीमित नहीं रहेगा।
Israel ने Hezbollah कमांडर को किया ढेर
Lebanon मोर्चे पर Israel ने बड़ी कार्रवाई करते हुए Hezbollah के एक वरिष्ठ unit chief को Beirut में मार गिराने का दावा किया। Israel की Northern Command ने कहा कि Hezbollah ने Iran के पूर्व Supreme Leader Ali Khamenei की हत्या का बदला लेने के नाम पर Israel पर missiles दागे थे, जिसके बाद Lebanon में strikes तेज़ कर दी गईं। Israel के strikes में Lebanon में अब तक करीब 400 लोगों की जान जा चुकी है और हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं।
Tehran और Central Iran में फिर गूंजे धमाके
AFP के पत्रकारों ने बताया कि सोमवार को Iran की राजधानी Tehran में एक बार फिर भारी विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं, हालाँकि यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया। Israel ने दावा किया कि उसने Central Iran में security sites और missile launch sites पर strikes की हैं — जिनमें एक rocket engine production facility और कई long-range ballistic missile launch sites शामिल थे। इसके साथ ही Israel ने यह भी कहा कि उसने IRGC (Revolutionary Guards) के air force headquarters को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
Bahrain तक पहुँची Iran की मार — तेल रिफाइनरी पर हमला
Iran के हमलों की आग अब Gulf के छोटे देशों तक पहुँच गई है। Bahrain में सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई। इससे भी बड़ी बात यह है कि Iran ने Bahrain की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी BAPCO पर हमला कर दिया — जिसके बाद state oil company ने force majeure घोषित कर दिया। यानी अब वहाँ तेल उत्पादन ठप हो गया है।

इधर Saudi Arabia ने कहा कि उसकी वायु सेना ने Shaybah oilfield की तरफ जा रहे चार Iranian drones को मार गिराया। United Arab Emirates ने भी बताया कि उसके air defence systems एक missile attack का जवाब दे रहे हैं।
Strait of Hormuz — दुनिया की साँस अटकी
Strait of Hormuz से दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल आपूर्ति होती है। Iran ने इस जलमार्ग को बंद कर दिया है और IRGC ने कहा है कि कोई भी जहाज़ यहाँ से गुज़रा तो उसे निशाना बनाया जाएगा। 150 से ज़्यादा जहाज़ बाहर लंगर डाले खड़े हैं। तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के पार पहुँच गई है — जो जुलाई 2022 के बाद पहली बार हुआ है।
नए Supreme Leader को Trump ने कहा ‘Lightweight’
जब Iran के Assembly of Experts ने Mojtaba Khamenei को नया Supreme Leader चुना तो IRGC ने तुरंत उन्हें अपनी निष्ठा दी। लेकिन US President Donald Trump इससे बिल्कुल खुश नहीं हैं। उन्होंने Mojtaba को “lightweight” कहा और कहा — “हम चाहते हैं कि Iran में शांति और सद्भाव लाने वाला कोई हो।” Trump ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि नया नेता उनकी मंज़ूरी के बिना “ज़्यादा देर नहीं टिकेगा।”
US Embassy Staff को छोड़ना पड़ा Saudi Arabia
Iran ने US embassies, military installations और Gulf states में oil infrastructure को निशाना बनाते हुए missile और drone attacks जारी रखे हैं। इसी के चलते US ने अपने गैर-ज़रूरी embassy staff को Saudi Arabia से निकलने का आदेश दे दिया है। Kuwait और UAE में भी American missions को निशाना बनाया जा चुका है।
युद्ध का अंत कहाँ?
दस दिन बाद भी न कोई ceasefire की बात है, न negotiations की। UN Secretary General António Guterres ने US-Israel के हमलों को कूटनीति का मौका “बर्बाद” करना बताया और दोनों पक्षों की निंदा की। दुनियाभर के बाज़ार हिल रहे हैं, आम लोग डरे हुए हैं — और Middle East धीरे-धीरे एक ऐसे रसातल में जा रहा है जहाँ से निकलने का रास्ता फिलहाल किसी को नज़र नहीं आ रहा।
