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Donald Trump का दावा: होर्मुज जलडमरूमध्य शुक्रवार से “पूरी तरह खुला” होगा, ईरान-अमेरिका समझौते के बाद राहत की उम्मीद
ट्रंप ने कहा कि रणनीतिक समुद्री मार्ग पहले से आंशिक रूप से खुल चुका है और अब डिमाइनिंग के बाद पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।
वैश्विक ऊर्जा और समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम माने जाने वाले Strait of Hormuz को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि यह रणनीतिक जलमार्ग शुक्रवार से “completely open” हो जाएगा।
ट्रंप ने यह बयान फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ द्विपक्षीय वार्ता की शुरुआत में दिया। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के बाद इस क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति काफी हद तक शांत हो गई है, जिसका सीधा असर समुद्री मार्गों पर पड़ा है।
ट्रंप के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य पहले ही आंशिक रूप से खुल चुका है, लेकिन अभी भी कुछ क्षेत्रों में “hunting” यानी सुरक्षा और डिमाइनिंग अभियान चल रहे हैं ताकि समुद्री मार्ग पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
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उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस काम के लिए ज्यादा अंतरराष्ट्रीय सहायता की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे पहले ब्रिटेन और फ्रांस ने इस क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त नौसैनिक मिशन का प्रस्ताव रखा था।
ट्रंप ने ईरान के साथ हुए हालिया समझौते की भी सराहना की और कहा कि इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि “Iran will not have a nuclear weapon.” उन्होंने इसे क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण हालात युद्ध तक पहुंच गए थे, जिसके दौरान इस क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई थीं। इसी दौरान समुद्री व्यापार भी प्रभावित हुआ था और कई देशों ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता जताई थी।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान में नए नेतृत्व के साथ अमेरिका का संवाद बेहतर हो रहा है, खासकर उस घटना के बाद जिसमें ईरान के शीर्ष नेतृत्व को लेकर बड़े राजनीतिक बदलाव देखे गए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में पूरी तरह खुलता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार, शिपिंग लागत और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ेगा। हाल के महीनों में इस क्षेत्र में तनाव ने पहले ही वैश्विक बाजारों को अस्थिर कर दिया था, ठीक वैसे ही जैसे कभी Suez Canal blockage crisis के दौरान दुनिया भर की सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी।
अब सभी की नजरें शुक्रवार पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि यह रणनीतिक जलमार्ग वास्तव में पूरी तरह सामान्य होता है या नहीं।
